वाराणसी , जनवरी 29 -- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई नियमावली पर उच्चतम न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के बाद वाराणसी में विरोध प्रदर्शन जश्न में बदल गया। जिला मुख्यालय पर बीते कई दिनों से चल रहा धरना गुरुवार को कोर्ट के आदेश की खबर मिलते ही उत्सव में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारी एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर बधाइयां देते नजर आए।
जश्न के दौरान लोगों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। पूरे क्षेत्र में जयकारों और नारों के साथ खुशी का माहौल देखा गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह फैसला सामाजिक समरसता और समानता के पक्ष में है, जिससे समाज में फैल रही असमानता को रोका जा सका है।
अधिवक्ता सारिका दुबे ने कहा कि पिछले तीन दिनों से जिला मुख्यालय पर लगातार यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ विरोध हो रहा था। उन्होंने इसे सनातन धर्म और सामाजिक न्याय की जीत बताते हुए कहा कि यह नियमावली आपसी भाईचारे और सौहार्द को प्रभावित करने वाली थी।
केसरिया भारत संस्था के गौरीश सिंह और अधिवक्ता संतोष सिंह ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उनका कहना था कि यह किसी वर्ग विशेष की जीत या हार नहीं, बल्कि समानता और न्याय की जीत है। उन्होंने कहा कि किसी भी नियम को लागू करने से पहले उसके सामाजिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
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