अलवर (राजस्थान) , फरवरी 03 -- सकल सामान्य वर्ग संघर्ष समिति अलवर की ओर से मंगलवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के खिलाफ कई नागरिक सड़कों पर उतरे और मशाल जुलूस निकाला।

इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि अगर इस काले कानून को वापस नहीं लिया गया तो निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

इससे पहले समिति के बैनर तले हजारों लोग अलवर के नंगली सर्किल के पास कंपनी बाग में एकत्रित हुए वहां से मशाल जुलूस के रूप में हॉप सर्कस पर पहुंचे। यहां सैकड़ो लोगों की मौजूदगी में एक बड़ी बैठक हुई। जिसमें अलवर शहर के सभी व्यापारिक वर्ग और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि जिन से अपेक्षा थी उन्हीं लोगों ने खराब कानून बनाया है।

सभा में व्यापार महासंघ के संरक्षक राजकुमार गोयल ने कहा कि कल तक तो कहते थे बंटोगे तो कटोगे, लेकिन अब हिंदुत्व को बांटने पर तुले हुए हैं। यूजीसी कानून को जिस रूप में लाया गया है इससे हिंदुओं में टकराव पड़ेगा आपसी भेदभाव शुरू होगा उन्होंने इस काले कानून को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर इस कानून को वापस नहीं लिया गया तो पूरे देश में इस कानून को वापस लेने की मांग की जाएगी।

सभा में अन्य वक्ताओं ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह अपेक्षा थी कि यह देश में भेदभाव दूर करने की बात करते हैं। समाज में एकता की बात करते हैं, लेकिन इस कानून के बन जाने से समाज में भेदभाव और विभाजन की नीतियां शुरू हो गई हैं और यह काला कानून है जो इस तरीके का भेदभाव पूर्ण काम करेगा ।

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