लखनऊ , फरवरी 28 -- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की ओर से आयोजित 'प्रबुद्ध समागम 2026' में ब्राह्मण समाज की एकजुटता का प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम में भाजपा, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एक मंच पर उपस्थित रहे।
समागम में यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित प्रावधान और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विषय प्रमुख रूप से चर्चा में रहा। उनके समर्थन में नारेबाजी भी की गई।
कार्यक्रम के दौरान भाजपा से राज्यसभा सदस्य और पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को यूजीसी कानून पर वक्तव्य न देने को लेकर विरोध का सामना करना पड़ा। उपस्थित लोगों द्वारा यूजीसी पर स्पष्ट रुख रखने की मांग की गई, लेकिन उनके आनाकानी करने पर नारेबाजी शुरू हो गई। हालात ऐसे बने कि उन्हें अपना संबोधन बीच में ही छोड़कर वापस बैठना पड़ा।
पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि उन्होंने यूजीसी के प्रावधानों का खुलकर विरोध किया है और इसे अलगाववाद को बढ़ावा देने वाला बताया। उन्होंने समाज से शब्दों और चिंतन की मर्यादा बनाए रखते हुए एकता बनाए रखने की अपील की।
बाद में कार्यक्रम में पहुंचे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उपस्थित जनसमूह से कहा कि उनकी भावनाओं को सरकार समझती है और अपेक्षाओं को शीघ्र पूरा किया जाएगा, हालांकि उन्होंने भी यूजीसी मुद्दे पर विस्तार से टिप्पणी नहीं की।
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