नयी दिल्ली , मार्च 21 -- कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद और पार्टी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रतिष्ठित न्यूज़ एजेंसी यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया (यूएनआई) के मुख्यालय पर ड्यूटी कर रहे पत्रकारों के साथ पुलिस और अधिकारियों की बदसलूकी की घोर निंदा की है।
श्री सुरजेवाला ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट के जरिए यूएनआई मुख्यालय पर पत्रकारों के साथ जोर जबरदस्ती को मीडिया की स्वतंत्रता पर आघात बताते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश में लगातार मीडिया को दबाती जा रही है ।
यूएनआई परिसर में शुक्रवार शाम दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा अपनी ड्यूटी कर रहे मीडिया कर्मियों को न्यूज़ रूम में किए गए अभद्र और जोर जबरदस्ती के व्यवहार को गलत करार देते हुए कहा कि यह स्पष्ट होता है कि पत्रकारों के लिए "दबाव और डर का माहौल" बनाया जा रहा है।
श्री सुरजेवाला ने अपने पोस्ट में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि सरकार की आलोचना करने वाले पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूएनआई की यह घटना कोई अकेला मामला नहीं, बल्कि एक "पैटर्न" है, जिसमें मीडिया को झुकाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कई घटनाओं का हवाला दिया। इनमें 2016 में एनडीटीवी पर एक दिन के प्रतिबंध, 2017 में सीबीआई द्वारा कार्रवाई, और बाद में अडानी समूह द्वारा हिस्सेदारी खरीदे जाने का उल्लेख भी शामिल है।
इसके अलावा उन्होंने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के बाद आयकर विभाग की कार्रवाई जैसे मामलों का भी जिक्र किया। पत्रकारों से जुड़े मामलों को गिनाते हुए श्री सुरजेवाला ने ग़ौरी लंकेश की हत्या, सिद्दीक कप्पन की गिरफ्तारी, राणा अय्यूब के खिलाफ ऑनलाइन धमकियों, मोहम्मद ज़ुबैर की गिरफ्तारी, और पत्रकार विनोद दुआ पर दर्ज देशद्रोह के मामले जैसे कई उदाहरण सामने रखे।
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामलों में प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी, किसान आंदोलन के दौरान राज़दीप सरदेसाई के खिलाफ एफआईआर, और झारखंड के पत्रकार रुपेश कुमार सिंह की गिरफ्तारी जैसे घटनाक्रम चिंता का विषय हैं।
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