नयी दिल्ली , मार्च 20 -- राज्यसभा सांसद और भाकपा नेता संदोष कुमार पी. ने शुक्रवार को दिल्ली के रफी मार्ग स्थित 'यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया' (यूएनआई) के कार्यालय पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों और प्रेस की स्वतंत्रता पर एक 'क्रूर प्रहार' बताया है।

उन्होंने इस घटना को देश की सबसे पुरानी समाचार एजेंसी के खिलाफ एक अभूतपूर्व और गंभीर हमला करार दिया।

सांसद ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के कार्यालय को जबरन कब्जे में लेने के दौरान पत्रकारों के साथ बदसलूकी और हाथापाई की गई। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में महिला पत्रकारों को भी नहीं बख्शा गया। कर्मचारियों को प्रबंधन की बात सुनने या अपना निजी सामान तक इकट्ठा करने का बुनियादी अवसर नहीं दिया गया, जो बेहद निंदनीय है।

विज्ञप्ति में इस पूरी कार्रवाई को वैधता, गरिमा और लोकतांत्रिक मानदंडों की घोर अनदेखी बताया गया है। श्री संदोष कुमार ने कहा कि अपने ही न्यूजरूम के भीतर पत्रकारों के पीटे जाने की तस्वीरें इस बात की खौफनाक याद दिलाती हैं कि आज के भारत में मीडिया की स्वतंत्रता कितनी नाजुक स्थिति में पहुंच गई है।

उन्होंने इस कार्रवाई के पीछे की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सब कथित तौर पर दिल्ली के उपराज्यपाल के इशारे पर किया गया। चूंकि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अधीन कार्य करती है, इसलिए सांसद ने इसे सरकारी शक्ति के दुरुपयोग और मीडिया की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी कोशिश बताया है।

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