भोपाल , मार्च 31 -- मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन का आज यहां समापन हो गया। समापन सत्र में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन किया।

श्री हरिवंश ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनने का सपना देखने में करीब 66 वर्ष लग गए, लेकिन अब देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सही नीतियों और संकल्प के साथ लोकतंत्र में भी तेज विकास संभव है।

उन्होंने कहा कि आज संसद और विधानसभाएं तेजी से डिजिटल हो रही हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक तकनीकी माध्यम जनप्रतिनिधियों के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने ऊर्जा को वर्तमान वैश्विक अर्थव्यवस्था की आधारशिला बताते हुए कहा कि चुनौतियों के बावजूद भारत ने बेहतर प्रबंधन के चलते अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है।

श्री हरिवंश के इस बयान पर कांग्रेस विधायक महेश परमार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके भाषण से ऐसा प्रतीत होता है मानो उनका जन्म ही 2015 के बाद हुआ हो। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के राजनीतिक बयान ऐसे मंच के अनुरूप नहीं हैं।

विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन में कहा कि सम्मेलन के दौरान विभिन्न विचारधाराओं के विधायकों ने सीमाओं से ऊपर उठकर रचनात्मक चर्चा की। उन्होंने बताया कि टेक्नोलॉजी, स्वच्छता, सोलर ऊर्जा, शिक्षा की गुणवत्ता और आधारभूत संरचना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

श्री तोमर ने कहा कि जब मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग हुआ था, उस समय दोनों राज्यों के विधायकों की आंखों में आंसू थे, लेकिन आज भी दोनों राज्यों के बीच आत्मीयता बनी हुई है।

इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहा था कि राजनीति में मर्यादा और अनुशासन आवश्यक है तथा जनप्रतिनिधियों को विनम्रता बनाए रखते हुए जनता से जुड़े रहना चाहिए। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छात्रसंघ चुनाव पुनः शुरू करने की मांग उठाई। सम्मेलन में तीनों राज्यों के करीब 50 विधायक शामिल हुए। समापन के बाद सभी विधायक उज्जैन जाकर भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित