जयपुर , फरवरी 10 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संत-महात्माओं का सनातन संस्कृति को मजबूत करने में अद्वितीय योगदान बताते हुए युवाओं का आह्वान किया है कि उन्हें संतों की शिक्षाओं और आदर्शों को आत्मसात कर भारत की गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना चाहिए।
श्री शर्मा मंगलवार को जयपुर के आराध्य श्री गोविंददेव मंदिर परिसर स्थित जय निवास उद्यान से कलश यात्रा का शुभारंभ किया और इस अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि संत-महात्मा राष्ट्र को सही दिशा देकर सनातन संस्कृति को मजबूत कर रहे हैं तथा इनके विचार मानवता, सेवा एवं सद्भावना का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा बालनाथ ने भारतीय धर्म एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने में अद्वितीय योगदान दिया। इसी परंपरा का बाबा बस्तीनाथ महाराज भी अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की अवधारणा पर आधारित है, जो सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का संदेश देती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री बस्तीनाथ महाराज को दुपट्टा ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इससे पहले श्री शर्मा ने गोविंददेव मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ मुलाकात भी की और उनका अभिवादन स्वीकार किया।
इस मौके विधायक देवी सिंह शेखावत एवं अन्य गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
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