शिमला , फरवरी 25 -- भारत मंडपम में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच का राजनीतिक टकराव उस समय दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस की भिड़ंत में तब्दील हो गया जब हिमाचल पुलिस ने सोलन में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को लेकर दिल्ली जा रही दिल्ली पुलिस से उन कार्यकर्ताओं को मुक्त करा लिया।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब दिल्ली पुलिस ने बुधवार सुबह शिमला जिले के रोहड़ू से युवा कांग्रेस के तीन नेताओं को गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारियां एआई सम्मेलन 2026 के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में हुए विरोध- प्रदर्शनों से जुड़ी थीं। दिल्ली पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों को जब दिल्ली ले जा रही थी, तो हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सोलन जिले के धर्मपुर में टीम को रोक लिया और गिरफ्तार किए गए युवाओं को छुड़ा लिया, जिससे दोनों पुलिस बलों के बीच एक सीधी टक्कर हो गई।

हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को गैर-कानूनी बताते हुए कहा कि हिमाचल के अधिकार क्षेत्र में गिरफ्तारियां करने से पहले राज्य पुलिस को न तो जानकारी दी गई और न ही भरोसे में लिया गया।दिल्ली टीम ने हिरासत में लिए गए लोगों को राज्य से बाहर ले जाने से पहले स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड नहीं लिया था, जो एक प्रक्रिया के हिसाब से जरूरी है जब किसी आरोपी को जांच कर रहे राज्य के बाहर गिरफ्तार किया जाता है।

सूत्रों ने बताया कि युवा कांग्रेस के तीनों कार्यकर्ता हिमाचल प्रदेश के रहने वाले नहीं हैं बल्कि दूसरे राज्यों के हैं और उन्होंने रोहड़ू में पनाह ली थी। खबर है कि वे मेंडली इलाके के एक रेस्ट हाउस में रुके हुए थे। दिल्ली पुलिस ने रेस्ट हाउस का विजिटर रजिस्टर जब्त कर लिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसने और किसके कहने पर रहने की जगह बुक की थी। इन बातों की हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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