नयी दिल्ली , जनवरी 13 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि स्वामी विवेकानंद के प्रेरक विचारों को आत्मसात कर आज का युवा अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़कर भारत को नयी दिशा दे रहा है।
श्रीमती गुप्ता ने यहाँ राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में 'विकसित भारत का संकल्प और युवा' कार्यक्रम के समापन समारोह में सम्मिलित होकर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रीय युवा दिवस और लोहड़ी-मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव रहा है, वे स्वयं छात्र संघ से जुड़ी रही हैं, इसलिए विद्यार्थियों और छात्र प्रतिनिधियों से संवाद करना उनके लिए विशेष रूप से भावनात्मक और प्रेरणादायी अनुभव है। उन्होंने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालय का समय जीवन का सबसे मूल्यवान चरण होता है, जहाँ आत्मविश्वास, ज्ञान, मित्रता और नेतृत्व कौशल का निर्माण होता है, जो आगे के जीवन की मजबूत नींव बनते हैं।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के प्रेरक विचारों को आत्मसात कर आज का युवा अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़कर आत्मविश्वास के साथ वैश्विक चुनौतियों का सामना करते हुए भारत को नई दिशा दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने में युवा साथियों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है क्योकि युवा न केवल भविष्य हैं, बल्कि वर्तमान भी हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे तकनीक का उपयोग साधन के रूप में करें, तकनीक को स्वयं पर हावी न होने दें। उन्होंने डिजिटल युग में एआई के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा यह सुनिश्चित करें कि वे तकनीक को नियंत्रित करें, न कि तकनीक उन्हें नियंत्रित करे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मविश्वास, नवाचार और ऊर्जा के साथ देश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी निभाएँ। उन्होंने कहा कि जब विकास और विरासत साथ चलेंगे, तभी भारत सही अर्थों में विश्व नेतृत्व की भूमिका निभा सकेगा।
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