ग्वालियर , अप्रैल 15 -- एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टीनेंट जनरल वीरेन्द्र वत्स ने कहा है कि देश के युवाओं को अनुशासित करने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने की जिम्मेदारी महिला एनसीसी अफसरों की है, जो प्रशिक्षण के बाद अपने-अपने संस्थानों में जा रही हैं।

उन्होंने यह बात ग्वालियर में आयोजित एनसीसी महिला अधिकारियों की दीक्षांत परेड की सलामी लेने के बाद कही। इस परेड में देश के विभिन्न राज्यों से आई 126 महिला अफसरों ने भाग लिया, जिन्हें ग्वालियर स्थित एनसीसी महिला अफसर प्रशिक्षण अकादमी में 45 दिन का प्रशिक्षण दिया गया।

लेफ्टीनेंट जनरल वत्स ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त महिला अफसर राष्ट्र निर्माण में नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अब इन अफसरों की भूमिका युवाओं को अनुशासित करने के साथ उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करना है, विशेषकर उन युवा बालिकाओं के लिए जो उन्हें आदर्श मानेंगी।

उन्होंने बताया कि एनसीसी अपने पाठ्यक्रम में लगातार बदलाव कर रहा है और अब इसमें साइबर एवं ड्रोन प्रशिक्षण को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए संस्थानों से समझौते किए जा रहे हैं तथा आंचलिक स्तर पर साइबर ट्रेनिंग हब स्थापित किए जाएंगे, जहां हर वर्ष लगभग 30 हजार कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि ग्वालियर की महिला अफसर प्रशिक्षण अकादमी की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है, जिसे 120 से बढ़ाकर 200 अफसरों तक किया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण के बुनियादी ढांचे को भी उन्नत किया जाएगा। इस अवसर पर एनसीसी अफसर प्रशिक्षण अकादमी के कमांडेंट ब्रिगेडियर विजयंत महाजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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