नयी दिल्ली , जनवरी 25 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में भजन और कीर्तन सदियों से हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा की आत्मा रहे हैं और इसी परंपरा का एक नया तथा आधुनिक स्वरूप सामने आ रहा है, जिसे 'भजन क्लबिंग' कहा जा रहा है।

श्री मोदी ने रविवार को रेडियो पर अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' में युवाओं (जेन-जी) के बीच आधुनिक अंदाज में भक्ति की परंपरा के प्रसार और अनुसरण की चर्चा की।

श्री मोदी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने आपको अनुभव और जीवन-शैली से जोड़ते हुए एक नया सांस्कृतिक चलन गढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इस बदलाव की झलक देते हैं। देश के विभिन्न शहरों में बड़ी संख्या में युवा एकत्र होकर ऐसे आयोजनों में भाग ले रहे हैं, जहां मंच, रोशनी और संगीत किसी बड़े कॉन्सर्ट (आयोजन) से कम नहीं होते।

श्री मोदी ने कहा कि पहली नज़र में माहौल किसी म्यूज़िक कॉन्सर्ट जैसा लगता है, मंच से गूंजते भजन जो पूरी श्रद्धा के साथ आधुनिक साउंड सिस्टम, लाइटिंग और प्रस्तुति के बावजूद इन आयोजनों में भक्ति की गरिमा और शुचिता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसमें न तो शब्दों की मर्यादा भंग होती है और न ही भावों की पवित्रता।

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