श्रीगंगानगर , अप्रैल 11 -- राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में पल्लू शहर में एक युवक का अपहरण कर आरोपियों द्वारा उसे बंधक बनाकर पीट-पीट कर अधमरा करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अन्य पांच की तलाश जारी है।पुलिस ने युवक को मुक्त करवाकर उसे अस्पताल में भर्ती करवाया है।पुलिस इस मामले में प्रत्यक्ष रूप से शामिल तीन अन्य आरोपियों तथा अन्य प्रकार से सहयोग करने वाले कुछ आरोपियों की धरपकड़ करने के लिए छापेमारी कर रही है। अपहरण कर्ताओं के चंगुल से मुक्त युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पल्लू थाना प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश मील ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि शहर में कृषि उपकरणों की एक वर्कशॉप का संचालन करने वाले कानाराम सुथार (22) पुत्र अनिल का गुरुवार रात लगभग 10:30 बजे वर्कशॉप पर एक गाड़ी में सवार होकर आए राकेश, उसके भाई रमेश (पुत्र प्रेमसिंह सुथार) के अलावा रविंद्र पुत्र ओमप्रकाश सुथार निवासी पूरबसर, अमित पुत्र राजेंद्र सुथार निवासी जोधावाली ढाणी एवं प्रदीप पुत्र मांगीलाल सुथार निवासी मोहनमगरिया ने अपहरण कर लिया। ये सभी अनिल को उसकी वर्कशॉप से मारते-पीटते अपनी गाड़ी में डालकर ढाणी लेघान ले गए। वहां अनिल को अमित तथा रमेश के हवाले कर बाकी आरोपी चले गए।
अमित तथा रमेश ने अनिल को उक्त ढाणी में बंधक बना लिया। थाना प्रभारी के अनुसार इस दौरान ढाणी का मालिक और उसका एक मजदूर बाहर निगरानी करते रहे। अनिल को यहां बुरी तरह से पीटा गया। इसके बाद आरोपी उसे गांव माइला में एक अन्य जगह ले गए। वहां भी उसे बंधक बनाकर पीटते रहे।
इस बीच अनिल के पिता कानाराम ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी ने अनिल को ढूंढने के लिए दलबल सहित छापे मारे, लेकिन न अनिल मिला और न ही आरोपी। आरोपियों को पुलिस के आने की भनक लग गई, जिस पर वे अनिल को एक गाड़ी में डालकर इधर-उधर भागते रहे। इसी दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जब इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने अनिल को मुक्त करवाने तथा अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए छह से अधिक पुलिस थानों की टीमों को इस पूरे इलाके में भेजा। जिला विशेष दल (डीएसटी) की टीम भी इस कार्यवाही में शामिल हो गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान आरोपियों में से किसी एक का मोबाइल फोन ऑन होने की वजह से उसकी लोकेशन मिल गई। लोकेशन को ट्रैक करते हुए पुलिस टीम उन रेतीले टिब्बा में पहुंच पाई,जहां अनिल को बंधक बना रखा था। मौके पर पहुंची पुलिस की टीमों ने अनिल को अपहरणकर्ताओं से छुड़वाया और अस्पताल में भर्ती करवाया।
थाना प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश मील ने बताया कि दो आरोपियों अमित तथा रमेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। राकेश, रविंद्र तथा प्रदीप की तलाश की जा रही है। इस मामले में पुलिस ढाणी के मालिक और उसके मजदूर की भूमिका को भी संदिग्ध मान रही है। थाना प्रभारी के अनुसार यह सारा घटनाक्रम एक लड़की को गायब कर देने को लेकर हुआ।
अनिल के सकुशल मिलने और दो आरोपियों के पकड़ने के बाद पुलिस को पता चला कि अनिल का छोटा भाई लगभग एक हफ्ता पहले एक आरोपी रमेश की भांजी को लेकर गायब हो गया था, जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चला है। गायब हुई लड़की बीकानेर जिले के महाजन थाना क्षेत्र के गांव जैतपुर की निवासी है। इस संबंध में उसके परिवार वालों ने महाजन थाना में मुकदमा दर्ज करवाया है। जिसकी जांच सब इंस्पेक्टर राजेंद्र द्वारा की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक अनिल के छोटे भाई और उसके द्वारा गायब की गई लड़की के नहीं मिलने की रंजिश में चलते लड़की के मामा और उसके रिश्तेदारों और जानकारों ने इसके बदले में अनिल का ही अपहरण किया।
अस्पताल में भर्ती अनिल के बयान के आधार पर ही उक्त आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित