चंडीगढ़ , जनवरी 27 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को कहा कि 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान का दूसरा चरण नशीले पदार्थों के उपयोग से जुड़ी समस्याओं की जड़ पर प्रहार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
'युद्ध नशों विरुद्ध' के दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले महीने ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) की एक बड़ी राज्य-स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि मुहिम को नयी गति और दिशा दी जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव स्तर पर लोगों को संगठित कर और पूरे पंजाब में जनभागीदारी बढ़ाकर नशीले पदार्थ के उपयोग के खिलाफ अब तक की अपनी सबसे सशक्त जन-आंदोलनात्मक मुहिम को तेज करनेजा रही है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए अगले महीने इन वीडीसी की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलायी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, " इस बैठक में वीडीसी सदस्य अपने-अपने गांवों को नशा-मुक्त बनाने का संकल्प लेंगे।"उन्होंने कहा, " नशा एक वैश्विक समस्या है, लेकिन दुनिया में कहीं भी इस बुराई के खिलाफ इतनी मजबूती से जंग शुरू नहीं की गयी। पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के लिए ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) के रूप में 'गांवों के पहरेदार' की 1.50 लाख सदस्यों वाली एक सशक्त टीम का गठन किया गया है। "उन्होंने आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार इस नेक कार्य के लिए उन्हें पूरा समर्थन और सहयोग सुनिश्चित करेगी। उन्होंने अधिकारियों को वीडीसीज सदस्यों को शीघ्र पहचान पत्र जारी करने के निर्देश भी दिये, ताकि उनके महत्वपूर्ण कार्य को उचित मान्यता मिल सके।
श्री मान ने विश्वास जताया कि जनता के सक्रिय समर्थन से इस अभियान का दूसरा चरण पहले चरण से भी अधिक सफल होगा और पंजाब इस मुहिम के माध्यम से सफलता की नयी कहानी लिखने के लिए तैयार है।
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