अमृतसर/ तरनतारन , मार्च 21 -- पंजाब में अमृतसर लोक सभा सीट से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने शनिवार को वेयरहाउस जिला प्रबंधक की मौत के मामले में कड़ा और आक्रामक रुख अपनाते हुए सीधे तौर पर राज्य के मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर पर गंभीर आरोप लगाये हैं।
श्री औजला ने स्पष्ट रूप से कहा, " यह आत्महत्या नहीं है, बल्कि सत्ता के दबाव में रची गयी एक साजिश के तहत की गई हत्या है।" उन्होंने मांग की कि मंत्री के खिलाफ तुरंत धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाये। श्री औजला ने सबसे पहले उस अस्पताल का दौरा किया, जहां गगनदीप सिंह रणधावा को उनकी मृत्यु से पहले भर्ती कराया गया था। बाद में वे शोक संतप्त परिवार के आवास पर गये और इस कठिन समय में बच्चों और परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाया। सांसद ने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी ने मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की या पीड़ित परिवार पर समझौते के लिए दबाव बनाया, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी और जिम्मेदार लोगों का घेराव करेगी।
श्री औजला ने आरोप लगाया कि वेयरहाउस टेंडर विवाद अब सत्ता के खुले दुरुपयोग से जुड़े एक बड़े राजनीतिक घोटाले में बदल गया है। उन्होंने कहा कि एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया गया, जिससे अंततः वह टूट गया। श्री औजला के अनुसार, यह मामला अमृतसर और तरनतारन में जारी फूड कॉर्पोरेशन से संबंधित वेयरहाउस टेंडरों से जुड़ा है। नियमों के मुताबिक कोई भी आवेदन कर सकता था, लेकिन आरोप है कि मंत्री भुल्लर ने अपने पिता के नाम पर टेंडर डालकर अपनी जमीन को फायदा पहुंचाने की कोशिश की।
सांसद ने दावा किया कि जब टेंडर किसी और को मिल गया, तो कथित तौर पर जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रणधावा को बुलाया गया, उन्हें अपमानित किया गया, उनके साथ मारपीट की गयी और इस घटना का वीडियो भी बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में अधिकारी को गैंगस्टरों के जरिए खत्म करने की लगातार धमकियां दी गयीं।
उन्होंने बताया कि निरंतर मानसिक प्रताड़ना के कारण अधिकारी गहरे अवसाद में चले गये थे। उन्होंने अपने परिवार को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था और लंबे समय से डर और तनाव में जी रहे थे। अंततः, उन्होंने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी और मामले को दबाने की कोशिश की गयी। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवार पर अब समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
श्री औजला ने जोर देकर कहा कि इस मामले में केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, इसके बजाय, हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए और मंत्री को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करने में विफल रहती है, तो कांग्रेस इस मुद्दे को पूरे पंजाब में एक जन आंदोलन बना देगी।
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