नयी दिल्ली , मार्च 19 -- विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि आतंकी जांच से जुड़े मामले में गिरफ्तार सात विदेशी नागरिकों के राजनयिक पहुंच (कांसुलर एक्सेस) के अनुरोधों को कानून के अनुसार निपटाया जाएगा।

जांचकर्ता फिलहाल म्यांमार में उग्रवादी प्रशिक्षण गतिविधियों से कथित संबंधों के आरोप में हिरासत में लिए गये छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक से पूछताछ कर रहे हैं।

मंत्रालय ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और बंदियों के गृह देशों के अनुरोधों को निपटाने में उचित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, यह एक कानूनी मामला है। भारत सरकार की संबंधित एजेंसियां वर्तमान में इसकी जांच कर रही हैं। हमें कांसुलर एक्सेस का अनुरोध प्राप्त हुआ है और इस विशेष मामले में शामिल कानूनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इनका समाधान किया जाएगा।"राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इन व्यक्तियों को बुधवार को गिरफ्तार किया था। उन पर अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने और म्यांमार में हथियारों को चलाने तथा ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देने में शामिल होने का आरोप है। एजेंसी ने एक बयान में कहा, "उन्हें एक विशेष एनआईए अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने सभी सात आरोपियों को 11 दिनों की एनआईए हिरासत में भेज दिया।" एजेंसी ने बताया कि उनकी गतिविधियों और नेटवर्क के विवरण को उजागर करने के लिए पूछताछ जारी है।

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