मोरबी , दिसंबर 18 -- गुजरात के मोरबी में आयोजित वाइब्रेंट कॉन्फ्रेंस में 2470 करोड़ रुपए के 50 एमओयू हुए हैं।
सूत्रों ने गुरूवार को बताया कि इनमें से 1024 करोड़ रुपए के पाँच एमओयू मौके पर सांकेतिक रूप से किए गए। इन पाँच एमओयू में 500 करोड़ रुपए के निवेश के साथ सिमेंट प्रोजेक्ट, 400 करोड़ रुपए का रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट, 100 करोड़ रुपए के निवेश के साथ फाइबर सेक्टर में एमओयू शामिल हैं।
मोरबी में केशव बैंक्वेट हॉल में जिला स्तरीय वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस प्रभारी मंत्री त्रिकमभाई छांगा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस वाइब्रेंट कॉन्फ्रेंस में जिला उद्योग केन्द्र तथा 50 कंपनियों के बीच 2470 करोड़ रुपए के एमओयू हुए, जिनमें मौके पर सांकेतिक रूप से पाँच उद्यमियों ने एमओयू किए।
गुजरात में आयोजित होने वाली वाइब्रेंट समिट देश के अन्य राज्यों के लिए अध्ययन का विषय है, तब राज्य सरकार द्वारा गुजरात के जिलों में तथा रीजनल स्तर पर वाइब्रेंट कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जाने से स्थानीय स्तर पर रहे उद्योगों को अधिक गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर अनेक लोगों को रोजगार मिलेगा।
जिला प्रभारी तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री श्री छांगा ने वाइब्रेंट गुजरात के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उम्दा विचार की प्रशंसा की और कहा कि वाइब्रेंट गुजरात जैसे आयोजनों से विश्व के उद्योगकार-उद्यमी गुजरात की ओर मुड़े हैं। निवेश केवल कागज पर नहीं, बल्कि जमीन पर उतर रहा है।
इसी कारण राज्य की धरती उद्योग एवं रोजगार देने में अग्रसर है। राज्य सरकार ने औद्योगिक प्रगति में आड़े आने वाले अवरोधों को दूरकर उद्योगों को विकास का पूरक बनाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से हम पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक विकास कर रहे हैं। मोरबी में विभिन्न उद्योगों के विकास के लिए सरकार ने पिछले दो वर्ष में 1200 से अधिक उद्योगों को 460 करोड़ रुपए से अधिक राशि की सहायता दी है।
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