कोण्डागांव, फरवरी 03 -- छत्तीसगढ़ में कोण्डागांव पुलिस ने मोबाइल टावरों से बैटरी चोरी के एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का मास्टरमाइंड टावर कंपनी का एक इंजीनियर निकला। आरोपियों से 13 लाख 22 हजार रुपये मूल्य की बैटरियां, स्क्रैप राशि और वाहन बरामद किया गया है।
उप पुलिस अधीक्षक नरेंद्र पुजारी ने मंगलवार को बताया कि मामला 28 जनवरी 2026 की रात का है, जब थाना उरन्दाबेड़ा क्षेत्र के ग्राम भोगापाल स्थित एक जियो मोबाइल टावर से 72 बैटरियां चोरी हो गईं। 01 फरवरी 2026 को टावर कंपनी के प्रतिनिधि रामकुमार राय ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई।
साइबर सेल और स्थानीय टीम की संयुक्त जांच में टावर के डेटा और सीसीटीवी फुटेज का विस्तृत विश्लेषण किया गया। पता चला कि घटना की रात उसी टावर पर काम करने वाले तकनीशियन (इंजीनियर) राघवेंद्र साहू को आसपास देखा गया था। 02 फरवरी 2026 को उसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसने अपने साथी कृष्ण साहू के साथ मिलकर यह चोरी की थी। उसने यह भी बताया कि चोरी की गई बैटरियां उसने रायपुर के कबाड़ी व्यापारी समर मोहम्मद के जरिए राजनांदगांव के आबिद मलिक को बेची थीं।
इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 03 फरवरी 2026 तक समर मोहम्मद और आबिद मलिक को भी गिरफ्तार कर लिया। आबिद मलिक से 24 नई बैटरियां (मूल्य 1,72,000 रुपये) और स्क्रैप के रूप में 50,000 रुपये नकद बरामद हुए। चोरी में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी (मूल्य लगभग 11 लाख रुपये) भी जब्त कर ली गई। इस तरह कुल 13,22,000 रुपये की संपत्ति बरामद हुई।
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