वाराणसी , जनवरी 12 -- कांग्रेस नेता एवं राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने सोमवार को मनरेगा के मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा का नाम बदल कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की वैचारिक हत्या कर रही है।

उन्होंने कहा कि मनरेगा के नाम और स्वरूप को बदलकर 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (वीबी जी राम जी) कर दिया गया है। श्री तिवारी ने कहा, "मुझे मालूम है कि मेरे बयान से विवाद हो सकता है, लेकिन मैं जो कह रहा हूं, वो बिल्कुल सही और सत्य बोल रहा हूं। मैं यह बात पूरी जिम्मेदारी और मजबूती के साथ कह रहा हूं कि मोदी सरकार गांधी जी की वैचारिक हत्या कर रही है। गोडसे ने शारीरिक हत्या की थी, तो मोदी सरकार इस योजना के जरिए महात्मा गांधी का नाम-निशान मिटा देना चाहती है।"कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, " मनरेगा दुनिया की सबसे विशालतम योजना है। इससे जितने लोग लाभान्वित होते रहे हैं, दुनिया में कोई ऐसी स्कीम आज तक नहीं बनी जिससे इतनी बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित होते रहे हों। जो काम गोडसे ने किया था, अब उसी काम को मोदी सरकार कर रही है। मैं मोदी सरकार की तुलना गोडसे से करता हूं। हम सरकार पर दबाव बनाएंगे कि इस योजना को वापस लिया जाए।"उन्होने कहा कि कांग्रेस ने संकल्प लिया है कि जिस दिन हम सत्ता में आएंगे, गांधी जी का नाम भी वापस लाएंगे और मनरेगा कानून को भी उसके मूल स्वरूप में बहाल करेंगे। धार्मिक नगरी काशी में यह संकल्प लिया जा रहा है। जैसे आंदोलन के बाद किसानों से जुड़े काले कानूनों को वापस लेना पड़ा था, वैसे ही एक नया काला कानून मोदी सरकार फिर से लेकर आई है। जिसने देश को गुलामी से आजादी दिलाई, जिन्हें हम सभी राष्ट्रपिता कहते हैं, उन्हीं का नाम सरकार खत्म कर देना चाहती है।

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