चंडीगढ़ , मार्च 18 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने शनिवार को, पंजाब में बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल को हुए नुकसान के मद्देनजर केंद्र सरकार द्वारा की गयी त्वरित कार्रवाई को किसानों के लिए बड़ी राहत बताया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रही है और पिछले 11 वर्षों में देश भर के किसानों को पर्याप्त राहत और वित्तीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए श्री कैंथ ने कहा कि केंद्र सरकार का यह हस्तक्षेप सीधे किसानों के हित में है और उन्हें महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नौ अप्रैल को प्राप्त अनुरोध पर तत्काल संज्ञान लिया और जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए 10 अप्रैल को सभी जिलों में टीमें भेजीं। बाइस जिलों से 291 नमूने एकत्र करने के बाद तैयार की गयी रिपोर्ट के आधार पर, भारतीय खाद्य निगम ने खरीद मानदंडों में ढील देनेकी सिफारिश की, जिसे केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने तुरंत मंजूरी दे दी।

रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए पंजाब और चंडीगढ़ में गेहूं खरीद के मानदंडों में महत्वपूर्ण छूट दी गयी है। चमक में कमी की स्वीकार्य सीमा को बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि क्षतिग्रस्त और टूटे दानों की सीमा को छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल पर अपरिवर्तित रखा गया है।

श्री कैंथ ने कहा कि इन निर्णयों से फसलों की मजबूरी में बिक्री को रोका जा सकेगा और गुणवत्ता में गिरावट के बावजूद एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे किसानों पर वित्तीय बोझ कम होगा और चालू सीजन के दौरान सुचारू खरीद संचालन सुनिश्चित होगा।

केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार, नियमों में ढील दी गयी शर्तों के तहत खरीदे गये खाद्यान्नों को अलग से संग्रहित किया जाएगा और उनका लेखा-जोखा भी अलग रखा जाएगा। भंडारण के दौरान गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गिरावट की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी और ऐसे भंडार का निपटान प्राथमिकता के आधारपर किया जाएगा।

पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए श्री कैंथ ने कहा कि लगभग 13 लाख एकड़ भूमि को नुकसान होने के बावजूद, राज्य सरकार किसानों को समय पर राहत प्रदान करने में विफल रही, जिससे मंडियों में खरीद एजेंसियों में झिझक पैदा हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से न केवल खरीद प्रक्रिया में तेजीआयी है, बल्कि किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ भी मिला है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार किसानों केहितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और राज्य सरकारों से जिम्मेदारी से काम करने और किसानोंके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी उपाय करने का आग्रह किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित