नयी दिल्ली , फरवरी 19 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को 19वीं सदी के संत एवं आध्यात्मिक गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और आध्यात्मिकता तथा मानवता के लिए उनके हमेशा रहने वाले योगदान को याद किया।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "स्वामी रामकृष्ण परमहंस को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। जिस तरह से उन्होंने आध्यात्मिकता और आध्यात्मिक अभ्यास को जीवन शक्ति के रूप में स्थापित किया, वह हर युग में मानवता को लाभान्वित करता रहेगा। उनके नेक विचार और संदेश हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।"उल्लेखनीय है कि स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जन्म 1836 में बंगाल में हुआ था। वह भारत के सबसे महान आध्यात्मिक लोगों में से एक माने जाते हैं। गहरी भक्ति, सादगी और सीधे आध्यात्मिक अनुभवों के लिए जाने जाने वाले स्वामी रामकृष्ण परमहंस ने सभी धर्मों की एकता और सच्ची भक्ति और निस्वार्थ प्रेम के माध्यम से ईश्वर की खोज पर ज़ोर दिया। उनकी शिक्षाओं का भारतीय आध्यात्मिक विचारों पर गहरा प्रभाव पड़ा और उन्होंने कई प्रमुख शिष्यों को प्रेरित किया, जिनमें सबसे प्रमुख स्वामी विवेकानंद थे, जिन्होंने पश्चिमी दुनिया को भारतीय दर्शन और वेदांत से परिचित कराया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिकता के प्रति रामकृष्ण परमहंस का नज़रिया जिसे एक जीती-जागती, गतिशील शक्ति के रूप में पेश करना जो लोगों और समाज को बदलने में सक्षम है पीढ़ियों से लोगों को रास्ता दिखाता आ रहा है।
देश भर के आध्यात्मिक नेताओं और श्रद्धालुओं ने भी इस मौके को प्रार्थना, प्रवचनों और सामुदायिक सेवा गतिविधियों के साथ मनाया, जो संत के मेल-जोल, दया और दुनिया भर में भाईचारे के संदेश को दर्शाता है।
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