नयी दिल्ली , मार्च 28 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सऊदी अरब के शहजादे और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान के साथ बातचीत की जिसमें पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति और उसके क्षेत्रीय स्थिरता तथा वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर व्यापक प्रभावों पर विशेष चर्चा हुई।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दोनों नेताओं ने संघर्ष से उत्पन्न स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया और महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री, प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात की और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चर्चा की।"प्रधानमंत्री ने ऊर्जा ठिकानों पर हमलों के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को दोहराया, जो क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच एक प्रमुख चिंता के रूप में उभरे हैं। श्री मोदी ने कहा, "मैंने क्षेत्रीय ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों की भारत द्वारा निंदा को दोहराया।"दोनों नेताओं ने वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, "हम नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और शिपिंग मार्गों को खुला और सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर सहमत हुए," उन्होंने खाड़ी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मार्गों को लेकर चिंताओं को उजागर किया, जिनसे होकर विश्व के तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। भारत अपने कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशियाई देशों से आयात करता है और वह लगातार तनाव कम करने और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा की मांग करता रहा है।
श्री मोदी ने सऊदी अरब में भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा के लिए सऊदी अरब के निरंतर समर्थन के लिए भी आभार व्यक्त किया, जो क्षेत्र में सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक है। उन्होंने कहा, "सऊदी अरब में भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।"दोनों नेताओं में यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है, ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों और समुद्री सुरक्षा को लेकर जोखिमों ने वैश्विक स्तर पर संयम और क्षेत्रीय शक्तियों के बीच सहयोग की मांग को बढ़ावा दिया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित