कोलकाता , दिसंबर 20 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां एक कार्यक्रम में वंदेमातरम् गीत के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को याद करते हुए उन्हें 'बंकिम बाबू' कहकर संबोधित करने के साथ ही हाल ही में संसद में इस गीत पर हुई चर्चा के उस पल को याद किया जब उन्होंने महान ऋषि बंकिमचंद के नाम से विख्यात 19वीं सदी के महान बंगला साहित्यकार को 'बंकिम दा' कहने के बाद अपनी गलती सुधारी थी।
नदिया के ताहिरपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए बंगाल की सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी विरासत का ज़िक्र करते हुए कहा, "हाल ही में, संसद मेंवंदेमातरम् का गुणगान हुआ था। महान हस्ती बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय बंगाल की इसी धरती पर पैदा हुए थे।''श्री मोदी ने रैली को कोलकाता हवाईअड्डे से फोन के माध्यम से संबोधित किया क्योंकि घने कोहरे की वजह से जब उनका हेलीकॉप्टर रैली स्थल पर नहीं उतर सका था।
प्रधानमंत्री ने कहा, " जब देश गुलाम था, तो बंकिम बाबू ने वंदेमातरम् के ज़रिए आज़ादी का मंत्र दिया था। आज, वंदेमातरम् विकसित भारत का मंत्र है।''श्री मोदी ने संसद में वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए इस गीत के रचयिता को 'बंकिम दा' बोल दिया था, जिस पर तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सौगत राय ने आपत्ति की थी। प्रधानमंत्री ने बिना किसी बहस में पड़े तुरंत अपनी बात सुधारी थी और कहा कि वह उन्हें 'बंकिम बाबू' कहेंगे और उन्होंने जो भावनाएं ज़ाहिर की हैं, उनका सम्मान करते हैं। इस पल के बाद सदन में हल्की-फुल्की हंसी-मज़ाक हुई थी।
बाद में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कूच बिहार में एक रैली से श्री मोदी पर इसके लिए तीखा हमला किया और उन पर स्वर्गीय कवि और उपन्यासकार का अपमान करने का आरोप लगाया था। इस बीच, श्री मोदी की ताहिरपुर रैली में भी रुकावट देखी गयी। सुबह से ही इलाके में कभी-कभी तनाव की खबरें आईं। भाजपा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोक रही है।
श्री मोदी ने अपने संबोध्ज्ञन में महान विभूतियों हरिचंद ठाकुर, गुरुचंद ठाकुर और हरीमा के योगदान का भी इस मौके पर ज़िक्र किया।
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