, Jan. 11 -- प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत सरकार 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर जोर दिया गया है, जिसके अंतर्गत हर क्षेत्र में 'नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म्स' लाया गया है। हाल ही में लागू किए गए जीएसटी सुधारों से विशेष रूप से एमएसएमई सेक्टर को बड़ा फायदा हुआ है। इसके अलावा, इंश्योरेंस सेक्टर में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी दी गई है, ताकि देश के प्रत्येक नागरिक को बीमा कवरेज मिल सके।

सरकार छह दशक पुराने इनकम टैक्स कानून को आधुनिय बनाया है और ऐतिहासिक लेबर कोड लागू कर श्रमिकों और उद्योगों, दोनों के लिए एक समान फ्रेमवर्क तैयार किया है।

श्री मोदी ने कहा कि भारत आज डेटा आधारित इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रिसर्च और सेमीकंडक्टर मैन्युफेक्चरिंग का वैश्विक हब बन रहा है। बढ़ती पावर डिमांड को पूरा करने के लिए न्यूक्लियर पावर सेक्टर में भी बड़े सुधार किए गए हैं और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी को निजी भागीदारी के लिए खोल दिया गया है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर है।

उन्होंने मोरबी की चर्चा करते हुए आगे कहा कि मोरबी आज टाइल्स के बड़े उत्पादकों में से एक है और वैश्विक स्तर पर बेंचमार्क स्थापित कर रहा है। एक समय था जब मैंने मोरबी, जामनगर और राजकोट के त्रिकोण को 'मिनी जापान' बनाने का सपना देखा था, जो आज हकीकत बन रहा है। धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन आज आधुनिक मैन्युफेक्चरिंग का केंद्र है, जहां भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन फैसिलिटी तैयार हो रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सौराष्ट्र और कच्छ आज ग्रीन ग्रोथ और एनर्जी सिक्योरिटी का भी हब बन रहे हैं। कच्छ में 30 गीगावाट की क्षमता वाला दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बन रहा है, जो पेरिस शहर से पांच गुना बड़ा है। आज क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में भारत केवल प्रतिबद्धता ही नहीं, बल्कि 'कॉमर्शियल स्केल रियालिटी' के साथ आगे बढ़ रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन के सामर्थ्य से हर कोई परिचित है और भारत में इस दिशा में अभूतपूर्व गति और स्केल से काम हो रहा है, जिसमें कच्छ और जामनगर ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।

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