गांधीनगर , फरवरी 15 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को यहां कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में 'जो कहना, वह करना' के मंत्र के साथ देश में जनकल्याण का एक नया इतिहास रचा जा रहा है।
श्री पटेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश की सर्वप्रथम सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) आधारित सार्वजनिक वितरण व्यवस्था के शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि श्री मोदी ने 'ज्ञान' अर्थात गरीब, युवा, महिला और अन्नदाता के सशक्तिकरण के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव रखी है।
मुख्यमंत्री ने टेक्नोलॉजी के परिवर्तनकारी प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब भारत में डिजिटल भुगतान को लेकर लोगों के मन में शक-संदेह था, उन शंकाओं को दूर कर आज भारत दुनिया में सबसे बड़े यूपीआई यूजर के रूप में जाना जाता है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिवेणी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित डेटाबेस कनेक्टिविटी के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे और विश्वसनीयता के साथ लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। आहार, आवास, आरोग्य और आय के स्तंभों पर ध्यान केंद्रित करने के परिणामस्वरूप पिछले एक दशक में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में अब अनाज प्राप्त करने के लिए 'ग्रेन एटीएम' कार्यरत होंगे। इस एटीएम से केवल 35 सेकेंड में 25 किलो अनाज का वितरण संभव होगा और ये 24 घंटे कार्यरत रहेंगे। इस सुविधा के कारण विशेष रुप से श्रमिक और मजदूर वर्ग अपने कार्य समय के घंटों के बाद भी किसी भी समय राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मिलने योग्य गेहूं, चावल और दाल प्राप्त कर सकते हैं, जो हाशिए पर खड़े लोगों के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम सिद्ध होगा।
सीबीडीसी आधारित सार्वजनिक वितरण व्यवस्था के बारे में श्री पटेल ने कहा कि इस टेक्नोलॉजी के माध्यम से लाभार्थियों को डिजिटल टोकन के द्वारा सब्सिडी, वस्तु का वजन और उसकी कीमत की सटीक जानकारी मिलेगी। इस डिजिटल ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग के कारण योजना के लाभों में 100 फीसदी पारदर्शिता आएगी और 'सेचुरेशन एप्रोच' यानी प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचने का सरकार का संकल्प सही मायने में साकार होगा।
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