वाराणसी , नवंबर 20 -- उत्तर प्रदेश के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ''दयालु'' ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से देश में उन महान सपूतों को सम्मान देने की परंपरा शुरू हुई है, जिन्होंने भारत को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर वाराणसी के रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के कंदवा में गुरुवार को ''एकता यात्रा'' निकाली गई। इसमें हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एकता यात्रा के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को सशक्त बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। केवल भाषणों में नहीं, बल्कि व्यवहार में भी एकता और अखंडता के मूल्यों को अपनाना ही सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
आयुष मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात के केवड़िया में निर्मित 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' न केवल सरदार पटेल की स्मृति को जीवंत रखता है, बल्कि आज यह राष्ट्रीय प्रेरणा का स्रोत और भारत की एकता का प्रतीक बनकर विश्व पटल पर गौरव का केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि काशी की पावन भूमि स्वयं एकता, सांस्कृतिक समरसता और आध्यात्मिकता की प्रतीक है। यहां का हर नागरिक 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संदेश को अपने कर्मों से साकार कर रहा है।
डॉ. मिश्र ने सभी से आह्वान किया कि एकता, सद्भाव और राष्ट्रप्रेम के मूल्यों को जीवन में उतारें तथा सरदार पटेल की भावना से प्रेरित होकर अखंड भारत के निर्माण में सहभागी बनें।
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