नयी दिल्ली , दिसम्बर 12 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जॉर्डन , इथियोपिया और ओमान की 15 दिसम्बर से शुरू होने वाली चार दिन की यात्रा के दौरान इन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा होगी तथा साथ ही अनेक क्षेत्रों में समझौतों तथा समझौता ज्ञापनाें पर हस्ताक्षर किये जाने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय में सचिव (दक्षिण) डा.नीना मल्होत्रा और अरूण कुमार चटर्जी, सचिव (कांसुलर, पासपोर्ट, वीज़ा और प्रवासी भारतीय मामले) ने शुक्रवार को यहां विशेष ब्रीफिंग में तीनों देशों की यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि ओमान से भारत को वायु सेना के जगुआर विमानों के लिए कलपुर्जो की आपूर्ति शीघ्र होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत गाजा में शांति योजना का समर्थन करता है और वहां स्थायी शांति की बहाली का पक्षधर है। उन्होंने कहा कि ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है और इसके जल्द अंजाम तक पहुंचने की संभावना है।
डा. मल्होत्रा ने कहा कि श्री मोदी यात्रा के पहले चरण में जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन के निमंत्रण पर 15 से 16 दिसंबर तक वहां की द्विपक्षीय यात्रा पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री की जॉर्डन की पहली पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा होगी जो दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 75 वीं वर्षगांठ पर हो रही है। उन्होंने कहा कि यह द्विपक्षीय यात्रा 37 वर्षों के अंतराल पर हो रही है। दोनों देशों के बीच परस्पर विश्वास और सद्भावना पर आधारित मैत्री संबंध हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक संबंध हैं और ओमान में भारतीय समुदाय के करीब 17 हजार से अधिक लोग हैं। श्री मोदी की यात्रा के पहले दिन शाह अब्दुल्ला के साथ आमने-सामने की मुलाकात होगी। अगले दिन दोनों नेता भारत-जार्डन व्यापारिक वार्ता को संबोधित करेंगे।
उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में 16 दिसम्बर को श्री मोदी इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली के निमंत्रण पर वहां जाएंगे । यह 2011 के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली इथियोपिया यात्रा होगी। यह यात्रा 'साउथ-साउथ' सहयोग को मजबूत करने और अफ्रीका के साथ भारत की साझेदारी को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दिखाती है। इससे अर्थव्यवस्था, व्यापार , संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर दोनों देश व्यापार को विविधता प्रदान करने , संपर्क बढाने और ढांचागत , सूचना प्रौद्योगिकी , खनन, कृषि, और विनिर्माण क्षेत्र में निवेश के नये अवसरों का पता लगाने पर चर्चा करेंगे।
डा. मल्होत्रा ने कहा कि दोनों देशों के बीच शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग है और साथ ही जलवायु परिवर्तन से निपटने के क्षेत्र में भी भारत के साथ सहयोग पर चर्चा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच आमने- सामने की वार्ता के साथ साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता होगी । प्रधानमंत्री वहां की संसद को भी संबोधित करेंगे तथा भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद करेंगे। दोनों देशों के बीच अनेक समझौतों और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये जाने की भी संभावना है।
श्री चटर्जी ने कहा कि ओमान सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद के निमंत्रण पर श्री मोदी 17 और 18 दिसंबर 2025 को ओमान की यात्रा पर रहेंगे। उनके साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी वहां जाएगा। फरवरी 2018 के बाद श्री मोदी की यह दूसरी ओमान यात्रा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 70 वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रही इस यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि ओमान खाड़ी क्षेत्र में भारत के पुराने भागीदारों में से एक है और व्यापार तथा निवेश दोनों देशों के संबंधों का आधार स्तंभ है। दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में भी मजबूत संबंध हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों नेता बातचीत के दौरान द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
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