अहमदाबाद , दिसंबर 28 -- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को यहां कहा कि एक गरीब परिवार से आने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 29 देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित होना उनके साथ ही देशवासियों का सम्मान है।
श्री शाह ने श्री मोदी के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम 'नमोत्सव' को संबोधित करते हुए कहा कि आज एक कलात्मक प्रस्तुति के माध्यम से एक ऐसे व्यक्ति के जीवन, कर्तव्यों और सिद्धांतों का वर्णन हो रहा है जिसने मात्र 11 वर्षों में 140 करोड़ भारतीयों के मन में 2047 तक भारत को विश्व में हर क्षेत्र में सर्वप्रथम बनाने का विश्वास भरा है।
उन्होंने कहा कि ऐसा करना सिर्फ तभी संभव है जब उस व्यक्ति ने अपना पूरा जीवन इस लक्ष्य की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करने, अपने प्रयासों को सफल बनाने के लिए अनेकानेक प्रयोग करने और देशभर में उस विचार के साथ सहमत लाखों लोगों की टीम बनाने में लगाया हो। उस व्यक्ति अर्थात देश के प्रधानमंत्री के जीवन पर नमोत्सव की रचना का विचार आया।
श्री शाह ने कहा कि जब श्री मोदी ने अपने जीवन के 75 साल पूर्ण किए, तब देश और दुनिया के कई लोगों ने सुझाव दिए कि इस अद्भुत व्यक्तित्व, जीवन और उनके जीवन की अद्भुत यात्रा को लोगों तक कैसे पहुँचाया जाए। उनका जीवन किस प्रकार लोगों के जीवन की प्रेरणा बना, उसे लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया और आज यह नमोत्सव उसी के परिणाम के रूप में हम सबके सामने है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि लगातार तीन दिन तक यहाँ समाज के अलग-अलग क्षेत्रो के विशेषज्ञ और अन्य लोग आएंगे और नमोत्सव को देखेंगे। यह यात्रा एक बहद गरीब घर में अपना बचपन बिताने वाले एक सामान्य चाय वाले के परिवार के बच्चे, जो आज 140 करोड़ लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं की उम्मीद का प्रतीक बन गया है, उसकी यात्रा की कहानी है।
उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति जो बहुत गरीबी से बाहर आया, उसे आज दुनिया के 29 देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। यह सम्मान भारत के प्रधानमंत्री और भारत की 140 करोड़ जनता का सम्मान है, जो दुनिया के 29 देशों से प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जब एक व्यक्ति दुनिया के 29 देशों द्वारा सम्मानित हो, तब वह व्यक्तित्व कई लोगों को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि नमोत्सव, बच्चों, युवाओ, सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए एक नई प्रेरणा लेकर आया है।
श्री शाह ने कहा कि श्री मोदी जी ने सात अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और इसी के साथ सार्वजनिक जीवन में उनके जीवन का दूसरा चरण शुरू हुआ। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहले ही दिन उन्होंने एक रेकॉर्ड बनाया कि आज तक भारत के इतिहास में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसने सरपंच का चुनाव भी न जीता हो और राज्य का मुख्यमंत्री बन गया हो।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सात अक्टूबर, 2001 से 28 दिसंबर, 2025 तक के 24 वर्षों के अपने सार्वजनिक जीवन में श्री मोदी ने एक भी दिन न छुट्टी ली और न आराम किया, सिर्फ अहर्निश जनता की सेवा के लिए मेहनत की है। उन्होंने कहा कि 24 साल में एक भी छुट्टी और एक भी दिन आराम के बिना अहर्निश मां भारती को सर्वोच्च स्थान पर बिठाने की इच्छा की पूर्ति के लिए यात्रा पर निकला यह मानव, आज पूरे देश के किशोर, युवा और बच्चों के लिए निश्चित रूप से प्रेरणास्रोत है।
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