मैनपुरी , अप्रैल 25 -- मैनपुरी के जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान नगरीय निकायों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए साफ निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर शहर की सफाई व्यवस्था में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।डीएम ने अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वसूली के साथ-साथ नगर क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। गर्मी के मौसम को देखते हुए जलापूर्ति, साफ-सफाई और मच्छरों की रोकथाम के लिए नियमित फॉगिंग कराना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र के 32 वार्डों में 650 सफाई कर्मियों की तैनाती के बावजूद सफाई व्यवस्था का खराब होना प्रबंधन और निगरानी की विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे शहर को वार्डवार "बीट सिस्टम" में विभाजित किया जाए, प्रत्येक सफाई कर्मचारी की जिम्मेदारी तय हो और कार्य का दैनिक मानक निर्धारित किया जाए। बिना जवाबदेही तय किए सुधार संभव नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 6 बजे क्षेत्र में निकलकर सफाई कार्य का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि सफाई कार्य पारंपरिक तरीके से नहीं बल्कि योजनाबद्ध ढंग से किया जाए। मुख्य मार्गों की सफाई प्राथमिकता पर प्रतिदिन हो, जबकि आंतरिक गलियों के लिए रोस्टर बनाया जाए। साथ ही सुपरवाइजर और निरीक्षक नियमित निगरानी करते हुए दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
सफाई के बाद कूड़ा जलाने की प्रवृत्ति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्होंने इसे पूरी तरह प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कूड़ा जलाना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए खतरनाक है और इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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