रांची , दिसंबर 29 -- झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने धनबाद स्थित एसएनएमसीएच अस्पताल से लापता हुई मासूम बच्ची की सकुशल बरामदगी पर गहरी संवेदना और संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि, मेरे रहते किसी भी आदिवासी परिवार या उसके बच्चों के साथ अन्याय नहीं हो सकता।

डॉ. अंसारी ने कहा कि आज एक आदिवासी मां की खोई हुई संतान को सुरक्षित उसकी गोद में सौंपना मेरे जीवन के सबसे भावनात्मक और संतोषजनक क्षणों में से एक है। उस मां की आंखों में दिखी राहत और खुशी ने आज सारी थकान मिटा दी। डॉ. अंसारी ने कहा कि जैसे ही एसएनएमसीएच अस्पताल परिसर से बच्ची के लापता होने की सूचना उन्हें मिली, वे अंदर से व्यथित हो गए। औलाद क्या होती है, औलाद का दर्द क्या होता है और मां से बच्चा बिछड़ने का दुख क्या होता है - इसे हमसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता। यह घटना मेरे दिल को झकझोर गई थी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संवेदनशील नेतृत्व और मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह सरकार सही मायनों में जनता की सरकार है। इसी मानवीय और संवेदनशील शासन व्यवस्था का परिणाम है कि धनबाद पुलिस और जिला प्रशासन की तत्परता से मात्र 24 घंटे के भीतर बच्ची को सुरक्षित बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया गया।

डॉ. अंसारी ने इस सराहनीय, त्वरित और मानवीय कार्रवाई के लिए धनबाद पुलिस, जिला प्रशासन और पूरी टीम को हृदय से धन्यवाद देते हुए कहा कि आज वह मां सरकार को, मुख्यमंत्री को, मुझे और प्रशासन को दुआएं दे रही है - यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी और कमाई है।" इस गंभीर घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को सख़्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि इलाज के साथ-साथ अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष और अनिवार्य ध्यान दिया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी घटनाएं न केवल अमानवीय हैं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य विभाग की छवि को धूमिल करती हैं, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

डॉ. अंसारी ने स्पष्ट किया कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और सभी सदर अस्पतालों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी घटना की स्थिति में संबंधित संस्थान के उच्च पदाधिकारियों पर सीधी और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. अंसारी ने ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एक अत्यंत संवेदनशील विभाग है, जिसका सीधा संबंध राज्य की लगभग 4 करोड़ जनता से है। दिन-रात की मेहनत के बावजूद यदि ऐसी घटनाएं होती हैं, तो यह हम सभी के लिए आत्ममंथन का विषय है। हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि पूरी सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करें। जनता का भरोसा हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और उस भरोसे की रक्षा करना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित