गुवाहाटी , फरवरी 09 -- कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उन्हें पाकिस्तानी एजेंट साबित करने में विफल रहे हैं ।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने गौरव गोगोई पर आरोप लगाया गया था कि वह 2013 में पाकिस्तान गये थे और इस यात्रा के बारे में उन्होंने चुप्पी साध रखी है। उन्होंने श्री गोगोई से उस यात्रा का विवरण जारी करने के लिए कहा था।
श्री सरमा ने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें इस बात का संदेह है कि श्री गोगोई को पाकिस्तान की दस दिनों की यात्रा के दौरान पाकिस्तान की ओर से कोई प्रशिक्षण भी प्राप्त हुआ था।
श्री गोगोई ने मुख्यमंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, "जब मैं 2014 में लोकसभा सांसद बना, तो मैंने अपना पासपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दिया था क्योंकि मैं राजनयिक पासपोर्ट के लिए पात्र हो गया था। इसलिए मेरी पाकिस्तान यात्रा से संबंधित सारा डेटा 2014 से ही भारत सरकार के पास उपलब्ध है।"श्री गोगोई ने कहा कि उनकी यात्रा के विषय में जांच करने वाली एसआईटी की रिपोर्ट छह महीने से मुख्यमंत्री के पास थी। उन्होंने सवाल उठाया, "अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है, तो मुख्यमंत्री पिछले छह महीनों से चुप क्यों थे और उन्होंने केंद्र सरकार को केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की सिफारिश क्यों नहीं की।"कांग्रेस सांसद ने आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री से सीमा गश्त, एलएसी जैसे महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दों के बारे में सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि संसद के प्रत्येक सदस्य को देश से संबंधित किसी भी विषय पर पूछने का अधिकार है।
श्री गोगोई ने कहा, "क्या ऐसा कोई प्रतिबंध है कि असम का कोई सांसद देश की पश्चिमी सीमा पर सवाल नहीं पूछ सकता? एक संसद समिति भी होती है जो हमारे द्वारा जमा किए गए सवालों की पुष्टि करती है, और यदि वे वैध नहीं हैं तो वे सवालों को रोक सकते हैं। मैंने सवाल पूछे हैं और केंद्र सरकार ने भी मेरे सवालों का जवाब दिया है। केंद्र सरकार को मेरे सवालों का जवाब देने में कोई समस्या नहीं है लेकिन ऐसा लगता है कि असम के मुख्यमंत्री को इस पर आपत्ति है।"सांसद ने स्वीकार किया कि उन्होंने 2013 और 2014 में अपनी पत्नी एलिजाबेथ कोलबोर्न गोगोई के साथ पाकिस्तान का दौरा किया था तथा उनकी सभी यात्राएं तय मानदंडों के अनुसार थीं और उनमें कोई उल्लंघन नहीं था।
श्री गोगोई ने कहा कि उनके कथित पाकिस्तान संबंधों पर मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल सरकार की हताशा को उजागर करती है। उन्होंने कहा, "ढाई घंटे की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भी मुख्यमंत्री कुछ भी स्थापित करने में विफल रहे। मुख्यमंत्री के दावों में कोई स्पष्टता नहीं थी। वह इतना नीचे गिर गए कि मेरे नाबालिग बच्चों के नाम मीडिया में उजागर कर दिए गए, जो किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 का उल्लंघन है।" उन्होंने कहा कि वह अपने नाबालिग बच्चों से जुड़े किशोर न्याय अधिनियम के उल्लंघन पर कानूनी मदद लेंगे।
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