मेरठ , मई 1 -- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के मेरठ में सूरजकुंड स्थित कार्यालय में रिश्वतखोरी के मामले में छापा मारकर एक कर्मचारी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है जबकि अतिरिक्त निदेशक डॉ. नताशा वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा गई है। यह कार्रवाई मेरठ के एक निजी अस्पताल संचालक की शिकायत पर की गई।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार अस्पताल के भुगतान जारी कराने और पैनल से बाहर करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने मामला दर्ज कर जाल बिछाया और अस्पताल संचालक के कर्मचारी के माध्यम से रकम भिजवाई। इसी दौरान आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया।
बताया गया है कि डॉ. नताशा वर्मा के निर्देश पर उनका निजी चालक सनी विभिन्न अस्पतालों से बिलों के भुगतान के एवज में दो से पांच प्रतिशत तक राशि वसूल रहा था। शिकायत में यह भी आरोप है कि कई अस्पतालों से नियमित रूप से कमीशन लिया जा रहा था।
गुरुवार देर शाम चार गाड़ियों में पहुंची सीबीआई टीम ने कार्यालय को घेरकर सभी प्रवेश द्वार बंद करा दिए और कर्मचारियों के बाहर जाने पर रोक लगा दी। कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए और उनसे पूछताछ की गई। टीम ने अतिरिक्त निदेशक के कक्ष समेत पूरे दफ्तर की तलाशी लेकर अस्पतालों से जुड़े दस्तावेज और समझौता पत्र (एमओयू) कब्जे में लिए।
इसके बाद सीबीआई टीम डॉ. नताशा वर्मा को साथ लेकर गंगानगर स्थित उनके आवास पहुंची जहां देर रात तक तलाशी अभियान चला। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वहां से कुछ नकदी, दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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