नयी दिल्ली , फरवरी 6 -- रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को संसद में कहा कि उत्तर प्रदेश में मेरठ रेलवे स्टेशन का नवनिर्माण ऐसे डिजाइन के साथ किया जा रहा ताकि उससे भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में मेरठ की ऐतिहासिक भूमिका की झलक मिले।

श्री वैष्णव ने राज्य सभा में प्रश्नकाल के दौरान रेल मंत्रालय से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत पुराने महत्वपूर्ण स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यक्रम में मेरठ के पुराने रेलवे स्टेशन का भी विकास किया जा रहा है।

उन्होंने मेरठ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की स्थिति के बारे में भाजपा सदस्य डॉ लक्ष्मीकांत बाजपेयी के एक अनुपूरक सवाल के जवाब में कहा कि इसके लिए जो पहला डिजाइन मिला था वह कुछ ज्यादा ही आधुनिक था। उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में मेरठ के ऐतिहासिक जगह की ओर संकेत करते हुए कहा कि मेरठ स्टेशन के पुनर्विकास में शहर की ऐतिहासिक भूमिका की झलक मिले इसके लिए डॉ वाजपेयी से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रतिष्ठित लोगों से विचार विमर्श कर नये डिजाइन का सुझाव देने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि नयी डिजाइन मिल गया है और काम चल रहा है।

रेलमंत्री ने कहा कि यूरोप जैसे देशों के विपरीत भारत में स्टेशन के पुनर्विकास का काम करते हुए भी स्टेशनों पर पुरी सुरक्षा और सावधानी बरतते हुए रेलवे परिचालन को जारी रखा जाता है। उन्होंने कहा कि फिर भी भारत में अमृत भारत योजना के अनुसार रेलवे स्टेशनों के विकास का काम तेजी पर है। उन्होंने इसकी तुलना जर्मनी में बर्लिन रेलवे स्टेशन से की जिसे बंद कर के विकसित करने 8-9 साल लगे थे।

श्री वैष्णव ने कहा कि 1300 स्वीकृत अमृत भारत स्टेशनों में 170 का काम पूरा हो चुका है। केरल में रेल परिवहन क्षमता बढ़ाने के एक प्रश्न पर रेलमंत्री ने कहा कि इसके लिए बजट में 3750 करोड़ रुपये का प्रावधान है जो पिछली संप्रग सरकार के समय राज्य में रेलवे के लिए आवंटनों की तुलना में 10 गुना है।

उन्होंने मेट्रोमैन के नाम से प्रसिद्ध रेलवे के पूर्व अधिकारी डॉ ई श्रीधरन के मल्लपुरम (केरल) कार्यालय के साथ रेल मंत्रालय के किसी प्रकार के संपर्क के बारे में माकपा के जॉन ब्रिटास के एक सवाल पर कहा कि श्रीधरन का देश में बड़ा सम्मान है। कोंकण रेलवे और दिल्ली मेट्रो के विकास में उनका बड़ा योगदान रहा है।

रेल मंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग और रेलवे निर्माण में डॉ श्रीधरन के विशाल अनुभवों का लाभ उठाने के लिए वह उनसे सलाह लेते रहते हैं। बजट में घोषित नये हाईस्पीड रेल गलियारा परियोजनाओं के प्रस्ताव पर भी उन्होंने उनसे सलाह ली है। श्री वैष्णव ने विनोदपूर्ण अंदाज में माकपा सदस्य श्री ब्रिटास को ' विद्वान और कुशल वक्ता लेकिन किसी बात को गलत तरीके से घुमाने में प्रवीण' बताते हुए कहा कि रेल मंत्री के रूप मे वह ऐसे हर व्यक्ति से सलाह लेने को तत्पर रहते हैं जो देश और रेलवे के विकास में योगदान कर सके।

उन्होंने कहा कि केरल में कतिपय रेल परियोजनाओं के क्रियान्वयन की धीमी गति की वजह भूमि अधिग्रहण में देरी है। जमीन जुटाने का काम राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। अंगमाली-सबरीमला रेलवे लाइन के बारे में केरल के मुख्यमंत्री से कई बार की बात के जमीन अधिग्रहण को स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने कांग्रेस और माकपा के बीच संबंधों पर व्यंग्य करते हुए उम्मीद जतायी कि - राज्य में आगामी चुनाव में परिणाम कुछ भी हो, जमीन का काम नहीं रुकेगा।' उन्होंने उसी अंदाज में कहा कि केरल में भाजपा के सत्ता में आने पर परियोजना का काम जोर-शोर से पूरा होगा।

एक अन्य अनुपूरक प्रश्न पर श्री वैष्णव ने कहा कि पंजाब में रेल ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने 5673 करोड़ रुपये दिये गये हैं जो कांग्रेस के समय के आवंटन का 25 गुना है। उन्होंने कहा कि रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के लोगों के साथ मिल कर राज्य में रेलवे की परियोजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी कर रहे हैं। देश और खास कर पंजाब में रेल परियोजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्होंने अपने सहयोगी मंत्री की प्रशंसा की।

इसी दौरान विपक्ष के नेता श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि श्री बिट्टू कांग्रेस में थे।

एक अन्य प्रश्न के जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में रजौरी से पुंछ के बीच रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। इस लाइन के चालू होने से सीमावर्ती क्षेत्र में आवागमन सुविधा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कश्मीर में सेब बागानों को क्षति न हो इसके लिए वहां कुछ इलाकों तक रेल-लाइनों के विस्तार का विचार छोड़ दिया गया है।

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