शिलांग , फरवरी 01 -- मेघालय सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए इसे राजकोषीय अनुशासन और विकासोन्मुखी ढांचे की ऐसी मिसाल बताया है जो कि आर्थिक बुनियाद को मजबूत करने के साथ-साथ 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है।
मेघालय सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय, क्षेत्रीय संतुलन और उत्पादकता पर केंद्रित यह बजट मेघालय की अपनी विकास प्राथमिकताओं और विकास पथ के साथ पूरी तरह मेल खाता है।
बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र पर दिए गए ध्यान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह इस क्षेत्र को पूर्व के एक गतिशील 'ग्रोथ इंजन' में बदलने के सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और जन-केंद्रित शासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया।
विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि आर्थिक मोर्चे पर, बजट में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करना एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही, राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता के तहत 1.85 लाख करोड़ रुपये का परिव्यय दिया गया है। मेघालय जैसे पहाड़ी राज्य के लिए, बुनियादी ढांचे का यह विस्तार बहुत महत्वपूर्ण है। यह निवेश राज्य में भौतिक और डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने, शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सेवाओं की आपूर्ति की उच्च लागत को कम करने में सहायक सिद्ध होगा।
पूर्वोत्तर के प्रति नीतिगत झुकाव को दोहराते हुए, बजट में ऐसे कई उपाय किए गए हैं जिनका सीधा लाभ मेघालय के उद्यमिता, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों को मिलेगा। साथ ही, मेघालय की प्रकृति और समुदाय आधारित पर्यटन अर्थव्यवस्था को डिजिटल डेस्टिनेशन फ्रेमवर्क और स्किलिंग पहलों से नई दिशा मिलेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शिक्षा के माध्यम से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के प्रस्ताव भी राज्य के मानव पूंजी विकास में योगदान देंगे।
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