शिलांग , दिसंबर 22 -- पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित और एम्स गुवाहाटी के आर्थोपेडिक सर्जन प्रोफेसर बी. के. एस. संजय ने मेघालय सहित देश में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है।

सोमवार को पूर्वोत्तर इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं आयुर्विज्ञान संस्थान (निग्रिम्स) में आयोजित सड़क सुरक्षा संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रो संजय ने कहा कि मेघालय में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की दर राष्ट्रीय औसत से और यहां तक कि कुछ अन्य पहाड़ी राज्यों से भी अधिक है। उन्होंने हाल ही में हुई जानलेवा घटनाओं का हवाला देते हुए निवारक उपायों की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।

यह संगोष्ठी सड़क यातायात दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, विशेषकर उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में होने वाली सड़क यातायात दुर्घटनाओं के बारे में।

प्रो संजय ने कहा कि लगभग 90 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं मानवीय लापरवाही के कारण होती हैं और इन्हें बहुत हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने आगे कहा, "तेज गति से गाड़ी चलाना इसका प्रमुख कारण है। यह एक ऐसी समस्या है जिसे जागरूकता, शिक्षा एवं अनुशासित ड्राइविंग प्रथाओं द्वारा सुधारा जा सकता है।"एम्स गुवाहाटी के अध्यक्ष ने जनता एवं अधिकारियों दोनों से निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह करते हुए कहा कि यातायात नियमों का कड़ाई से पालन, जिम्मेदार ड्राइविंग, मजबूत यातायात शिक्षा, जागरूकता कार्यक्रम एवं सड़क सुरक्षा कानूनों का कड़ाई से प्रवर्तन जीवन बचाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जोर दिया कि हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने जैसे सरल उपायों द्वारा चोट लगने की संभावना एवं गंभीरता दोनों को बहुत हद तक कम किया जा सकता है।

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