शिलांग , फरवरी 27 -- मेघालय में मेनिंगोकोकल संक्रमण के संदिग्ध मामलों की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है तथा राज्य निगरानी इकाई (एसएसयू) को संदिग्ध मामलों की जानकारी दी गई है, जिसके बाद एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
पूर्वी खासी हिल्स की जिला निगरानी इकाई (डीएसयू ) ने एसएसयू के समन्वय से सक्रिय महामारी विज्ञान जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. जोराम बेदा ने बताया कि मामले की जांच, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, लैब समीक्षा और निगरानी बढ़ाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और फिलहाल नियंत्रण में है। अन्य क्षेत्रों से अब तक कोई नया संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग ने मानक प्रकोप-प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल लागू किए हैं, जिनमें संक्रमित व्यक्तियों के निकट संपर्कों की पहचान और निगरानी तथा आवश्यक रोकथाम उपाय शामिल हैं। एहतियात के तौर पर लोगों को अस्वस्थ महसूस होने पर या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने, खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकने और बड़ी सभाओं से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने या हैंड सैनिटाइजर के उपयोग की सिफारिश की गई है। नागरिकों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेने की भी सलाह दी गई है।
विभाग ने कहा कि यदि किसी को अचानक तेज बुखार, तेज सिरदर्द, उल्टी, तेजी से फैलने वाले चकत्ते (पुरपुरिक रैश) या हाथ-पैर ठंडे पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। गंभीर मामलों में यह संक्रमण शॉक, रक्तसंचार विफलता या बहु-अंग विफलता तक बढ़ सकता है। आपात चिकित्सा सहायता के लिए 14410 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। विभाग ने लोगों से शांत रहने और अपुष्ट सूचनाएं फैलाने से बचने की अपील की है।
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