शिलांग , फरवरी 06 -- मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में अवैध कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट के मामले में अधिकारियों ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो खदान मालिकों को गिरफ्तार कर लिया।

गौरतलब है कि मयन्संगट थांगस्को क्षेत्र में गुरुवार को हुए इस डायनामाइट विस्फोट में अब तक 18 खनिकों की जान जा चुकी है और कई अन्य के अंदर फंसे होने की आशंका जतायी गयी है।

इस भयावाह घटना में तीन नेपाली नागरिक, असम के दो और पूर्वी जयंतिया हिल्स के एक स्थानीय खनिक को बचा लिया गया है। इन खनिकों के झुलसने और सांस लेने में शिकायत के बाद यहां के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) आज राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और विशेष बचाव दल के साथ फंसे हुए खनिकों को बचाने के प्रयास कर रहे हैं।

पूर्वी जयंतिया हिल्स के जिला पुलिस प्रमुख विकास कुमार ने यूनीवार्ता को बताया कि खदान मालिक शमेही वार (42) और फॉर्मे चिरमांग (36) को कल सुबह हुई अवैध खनन त्रासदी के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि खलीहरियाट पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम की धारा 21/21(1) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है।

श्री कुमार ने बताया, "खदान त्रासदी में अब तक मरने वालों की संख्या 18 हो गयी है और आठ घायल हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य आपातकालीन सेवाओं के बचाव दल उन खनिकों की तलाश कर रहे हैं जिनके अवैध कोयला खदान के अंदर फंसे होने की आशंका है।"मेघालय उच्च न्यायालय की खंडपीठ, खनन त्रासदी का स्वतः संज्ञान लेते हुए, गुरुवार को कोयला खदान मालिकों और संचालकों की तत्काल गिरफ्तारी का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति डब्ल्यू. डिंगडोह और न्यायमूर्ति एच.एस. थांगख्यू की पीठ ने पूर्वी जयंतिया हिल्स के जिलाधिकारी और जिला पुलिस प्रमुख को अवैध खनन कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद नौ फरवरी को अदालत में पेश होने का भी आदेश दिया।

पीठ ने मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि यह "समझ में नहीं आ रहा है कि इस साल 14 जनवरी को हुई एक घटना में एक व्यक्ति की जान जाने के बावजूद इस इलाके में अवैध कोयला खनन कैसे जारी है।"मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा कि राज्य सरकार ने दुखद कोयला खदान घटना की "विस्तृत जांच" के आदेश दिए हैं। श्री संगमा ने आश्वासन देते हुए कहा, "जवाबदेही तय की जाएगी, और जो लोग जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जान की सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।"संयोग से, मिन्संगाट थांगक्सो वही इलाका है जहां पिछले साल 23 दिसंबर को इसी तरह की एक अवैध कोयला खदान में दो खनिकों की मौत हो गई थी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने अप्रैल 2014 में मेघालय में खतरनाक रैट-होल कोयला खनन पर इसके अवैध, अवैज्ञानिक प्रकृति और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और कई खनिकों की जान जाने के कारण प्रतिबंध लगा दिया था।

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