शिलांग , फरवरी 13 -- मेघालय पुलिस ने ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में हुए अवैध कोयला खदान विस्फोट की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।

पुलिस महानिदेशक इदाशिषा नोंगरांग ने शुक्रवार को आदेश जारी करते हुए नौ सदस्यीय इस विशेष दल को निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। यह भीषण हादसा पांच फरवरी की सुबह माइन्सगट-थांगस्को क्षेत्र में हुआ था और इसमें अब तक 30 श्रमिकों की जान जा चुकी है।।

डीजीपी के आदेश के अनुसार, इस एसआईटी का नेतृत्व पुलिस उप महानिरीक्षक (पूर्वी रेंज) विवेकानंद सिंह राठौर करेंगे। जांच दल का मुख्य उद्देश्य खनन स्थल पर हुए विस्फोट के कारणों और उन परिस्थितियों का पता लगाना है, जिनकी वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ। साथ ही, यह टीम अवैध खनन गतिविधियों के संबंध में न्यायालय और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की भी बारीकी से पहचान करेगी।

डीजीपी नोंगरांग ने स्पष्ट किया है कि एसआईटी को अपनी जांच एक समयसीमा के भीतर पूरी करनी होगी ताकि मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सके और कानून के अनुसार न्याय सुनिश्चित किया जा सके। इससे पहले 9 फरवरी को मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने भी इस अवैध कोयला खनन त्रासदी की जांच के लिए एक न्यायिक जांच आयोग के गठन की घोषणा की थी, जो हादसे की गहराई से जांच करेगा।

इस बीच, मेघालय उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने भी इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति हमरसन सिंह थांगख्यू और न्यायमूर्ति वानलुरा डेंगदोह की पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह 10 दिनों के भीतर अवैध कोयला खनन और इस विस्फोट से संबंधित व्यक्तियों की गिरफ्तारी पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करे। अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि आवश्यक हुआ, तो जवाबदेही तय की जाएगी और मामले की जांच किसी स्वतंत्र या केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जा सकती है।

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