शिलांग , अप्रैल 21 -- देश की सिविल सेवाओं में मेघालय के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए मेघालय सरकार ने 'सीएम-इंस्पायर' योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा अभ्यर्थियों को सशक्त बनाना है।
इस पहल की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने भारतीय सिविल सेवाओं में स्थानीय लोगों के घटते प्रतिनिधित्व को बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा, "मेघालय के मेरे प्रिय युवा अभ्यर्थियों, आज का दिन हमारे युवाओं के सपनों को साकार करने की दिशा में अहम कदम है। कई वर्षों से सिविल सेवा में हमारा प्रतिनिधित्व कम हुआ है। आज, हम 'सीएम-इंस्पायर' की शुरुआत के साथ इसे बदलने के लिए एक निर्णायक कदम उठा रहे हैं।"सीएम-इंस्पायर' योजना के तहत, जो अभ्यर्थी यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (प्रिलिम्स) पास करेंगे, उन्हें 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। वहीं, मुख्य परीक्षा (मेन्स) पास करने वाले अभ्यर्थियों को एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी।
श्री संगमा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य अभ्यर्थियों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है और यह ही यह सुनिश्चित करना है कि योग्य उम्मीदवार आर्थिक तंगी के कारण पीछे न रहें और उन्हें समान अवसर मिलें।
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