शिलांग , जनवरी 22 -- मेघालय प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म करने और इसकी जगह वीबी-जीआरएएमजी योजना लाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया।
एमपीसीसी अध्यक्ष विंंसेंट एच पाला ने दक्षिण पश्चिम खासी पहाड़ी जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार के कदम को ग्रामीण गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों और मेघालय के नौकरीशुदा परिवारों पर सीधा और सोचा-समझा हमला करार दिया।
उन्होंने कहा कि मनरेगा कोई कल्याणकारी योजना नहीं है बल्कि लगातार लोकतांत्रिक संघर्ष द्वारा प्राप्त किया गया काम का कानूनी अधिकार है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम में कोई भी बदलाव या इसे बदलना भाजपा सरकार की ग्रामीण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और संवैधानिक दायित्वों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।
सभा में दक्षिण पश्चिम खासी पहाड़ी जिले में खासकर दूरदराज और आर्थिक रूप से कमजोर इलाकों में हजारों परिवारों को सहारा देने में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया।
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