पटना , अप्रैल 08 -- बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बुधवार को कहा है कि राज्य सरकार किसानों की खेती को वैज्ञानिक, लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से केन्द्र प्रायोजित मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना का राज्यभर में प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है।
श्री यादव ने आज बयान जारी कर कहा कि इस योजना के माध्यम से किसानों के खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार कर उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने का सतत् प्रयास किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के लिए 3.00 लाख मिट्टी नमूनों के संग्रहण एवं विश्लेषण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 3.00 लाख मिट्टी नमूनों का संग्रहण किया जा चुका है, जबकि 2.98 लाख मिट्टी नमूनों का विश्लेषण पूर्ण कर कृषकों को उनके खेत के अनुसार मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया गया है।
श्री यादव ने कहा अनुमंडल स्तर पर कृषकों को मिट्टी जाँच की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 जिलों गोपालगंज, भभुआ, रोहतास (2), सुपौल (2), मधुबनी (2), सारण (2), पटना (2), नवादा, भोजपुर, कटिहार, वैशाली, पूर्वी चम्पारण (2), खगड़िया, अररिया, सीतामढ़ी (2), समस्तीपुर, गया, प0 चम्पारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, बेगुसराय, भागलपुर, पूर्णिया, मुंगेर एवं मधेपुरा जिले के अनुमंडल के प्रखंड में निर्मित प्रखण्ड कृषि कार्यालय (ई-किसान भवन) में कुल 32 अनुमंडल स्तरीय मिट्टी जाँच प्रयोगशाला की स्थापना की गई है।
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