जयपुर , दिसम्बर 19 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को कहा कि शिक्षा, विकास, प्रौद्योगिकी और नवाचार मूल्य आधारित, समयानुकूल एवं युगानुकूल होने के साथ ही अनुसंधान मानव जीवन को लाभ देने वाले होने चाहिए।

श्री देवनानी ने आज यहां श्री भवानी निकेतन महिला पीजी महाविद्यालय में दो दिवसीय बहुविषयक सम्मेलन का शुभारम्भ करने के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में चारित्रिक दृढ़ता, नेतृत्व कौशल और सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ लक्ष्य तय करके कार्य करने चाहिए। इसी से समाज निर्माण की दिशा तय हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि नये परिप्रेक्ष्य में आज का विद्यार्थी आज का ही नागरिक है। नयी पीढी को विश्लेषण के लिए सोच बढानी होगी। भारत और भारत के नागरिक होने पर गर्व की अनुभूति का एहसास नयी पीढी को भी कराना होगा। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों के साथ ही नवाचार करें। सांस्कृतिक सनातन संस्कृति के मूल्यों से नई पीढी को भी परिचित कराएं ताकि युवाओं में संवेदनशीलता, आदर, सह्रदयता, ईमानदारी, विश्वास, करूणा और सहयोग की भावना का विकास हो सके। भारतीय संस्कृति को जीवन का अंग बनाए और उसे व्यवहार लाये।

उन्होंने कहा कि वर्तमान का बदलता परिवेश कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) का है। एआई से जब हम किसी सन्दर्भ में जानकारी लेते हैं तो वहां से गैर भावनात्मक जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि इन्टरनेट पर अधिक से अधिक भारतीय परिवेश वाला कन्टेन्ट प्रसारित करें ताकि जब कोई एआई से जानकारी प्राप्त करे तो उसमें भारतीय परिवेश के संबंध में सही जानकारी प्राप्त हो सके।

श्री देवनानी ने कहा कि नाम से ही भाव आए यह नवाचार में आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, विकास, तकनीकी में किये जाने वाले नवाचार मूल्य आधारित होने चाहिए। यह सामाजिक परिवर्तन का युग है। भौतिकता के साथ आध्यात्मिकता और नैतिकता का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जर्मनी और जापान में वैज्ञानिक अथर्ववेद की सूक्तियों पर अनुसंधान कर रहे है। कृषि, चिकित्सा, शिक्षा में आधुनिक तकनीक अपनाए और नैतिक मूल्यों के साथ विकास और नवाचार करें।

उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को विश्व में भारतीय संस्कृति के प्रसार का वाहक बनना होगा। अब नारी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। बालिकाएं और महिलाएं विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। श्री देवनानी ने श्री भवानी निकेतन महिला पीजी महाविद्यालय की बालिकाओं को कबड्डी में स्वर्ण पदक विजेता बनने पर बधाई और शुभकामनाएं दी।

बहुविषयक सम्मेलन के मुख्य वक्ता मैट्रोलोजिकल डिपार्टमेन्ट ऑफ इंडिया के पूर्व महानिदेशक डा लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतिर्या को समझने के साथ ही सतत विकास के लक्ष्यों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को सरल बनाये जाने की आवश्यकता प्रतिपादित की।

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