बैतूल , मई 02 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र स्थित ग्राम डहरगांव में संचालित एक निजी कृषि कंपनी के खिलाफ जल दोहन और मजदूरों के शोषण के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एआईएमआईएम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मजदूरों और स्थानीय लोगों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित कंपनी बड़े पैमाने पर ब्लूबेरी सहित अन्य फसलों की खेती कर रही है, जिसके लिए अत्यधिक मात्रा में पानी का उपयोग किया जा रहा है। एआईएमआईएम नेताओं का कहना है कि कंपनी द्वारा वर्धा जलाशय से अवैध रूप से पानी खींचने के लिए मोटरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह जलाशय मूल रूप से किसानों की सिंचाई जरूरतों के लिए बनाया गया था लेकिन अब कंपनी द्वारा पाइपलाइन के माध्यम से अत्यधिक पानी लिया जा रहा है, जिससे आसपास के किसानों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा, मजदूरों ने भी कार्यस्थल की परिस्थितियों को लेकर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि ठेकेदार के पास सीमित संख्या में मजदूरों का लाइसेंस होने के बावजूद अधिक लोगों से काम लिया जा रहा है। मजदूरों का कहना है कि निर्धारित दैनिक मजदूरी 478 रुपये है लेकिन उन्हें इससे कम भुगतान किया जा रहा है। साथ ही, पीएफ, बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं, शौचालय और सुरक्षा जैसे बुनियादी अधिकार भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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