कोलकाता , जनवरी 16 -- पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का बेलडांगा इलाका शुक्रवार को उस समय युद्धक्षेत्र में तब्दील हो गया जब लोगों ने एक इस इलाके के एक व्यापारी की झारखंड में हुई मौत पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर व्यवधान उत्पन्न हुआ और हजारों आम लोग पांच घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे और बाद पुलिस के हस्तक्षेप से आंशिक रूप से सामान्य स्थिति बहाल हुई।
पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों के बीच लंबी बातचीत के बाद रेल और सड़क संपर्क धीरे-धीरे फिर से शुरू हो गया।
मुर्शिदाबाद के स्टेशनों से कोलकाता जाने वाली एक ट्रेन और लालगोला जाने वाली दो ट्रेनें रवाना हुईं जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हुई। लगभग साढ़े पांच घंटे तक फंसे रहे सैकड़ों यात्रियों को आखिरकार राहत मिली।
उल्लेखनीय है कि मुर्शिदाबाद के एक फेरीवाला की गुरुवार को झारखंड में रहस्यमय स्थिति में मौत हो गई जिसके बाद लोगों में असंतोष बढ़ने लगा। हालांकि आज सुबह उसका शव मिलने के बाद इस असंतोष ने हिंसक रूप ले लिया। इसके तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक और एनएच-12 को अवरुद्ध कर दिया जिससे उत्तर और दक्षिण बंगाल तीन से चार घंटे के लिए पूरी तरह से कट गए और हजारों यात्रियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा।
समस्या तब और बढ़ गई जब आक्रोशित भीड़ ने एक ट्रैफिक कियोस्क को क्षतिग्रस्त कर दिया, पुलिस वाहनों पर हमला किया और ईंट-पत्थर फेंके जिसमें कई पत्रकार सहित कम से कम 12 लोग घायल हो गए।
बरहामपुर के पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने विरोध स्थल का दौरा किया और बाद में पीड़ित परिवार से मुलाकात की। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप करने के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी।
मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक सूरज राज और जिला मजिस्ट्रेट नितिन सिंघानिया आज दोपहर घटनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। परिवार को न्याय दिलाने और इस मामले की उचित जांच का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारी नाकाबंदी हटाने के लिए सहमत हुए।
पुलिस ने कहा कि फेरीवाला की मौत की जांच हो रही है और परिवार को न्याय मिलेगा। इसके बाद ट्रेन और बस सेवाएं धीरे-धीरे फिर से शुरू हो गईं।
बेलडांगा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले सुजापुर कुमारपुर के निवासी अलाई शेख (30) का शव आज सुबह झारखंड से बरामद होने के बाद और तनाव बढ़ गया। अलाई एक फेरीवाला था जिसका शव गुरुवार को अपने कमरे की छत से लटका हुआ मिला था।
उसके परिवार वालों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फेरीवाला की हत्या पीट-पीटकर की गई और बाद में आत्महत्या दिखाने के लिए उसे फांसी पर लटका दिया गया। उनका दावा है कि मुर्शिदाबाद का होने के कारण उसे निशाना बनाया गया।
जैसे ही उसका शव गांव पहुंचा, सियालदह-लालगोला खंड पर महेसपुर में सैकड़ों लोगों ने बांस के खंभे लगाकर रेलवे ट्रैक को अवरुद्ध कर दिया, जिससे हजारिका एक्सप्रेस सहित कई स्थानीय ट्रेनें रुक गईं। प्रदर्शनकारियों ने एनएच-12 पर टायर जलाया जिससे सैकड़ों बसें और ट्रक फंस गए।
पुलिस को नाकाबंदी हटाने के प्रयास में कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा जिससे झड़पें और हाथापाई की भी वारदातें हुई।
इसी बीच, उत्तर बंगाल के अपने दौरे से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों का गुस्सा जायज है क्योंकि कई राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार को समर्थन देने का आश्वासन दिया लेकिन लोगों को किसी उकसावे में नहीं आने की चेतावनी दी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पत्रकारों पर हमला न करने की अपील की। सुश्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी अशांति फैलाने का प्रयास कर रही और उस पर प्रवासी श्रमिकों पर हमलों से जुड़े मामलों को भड़काने का आरोप लगाया।
शोक संतप्त परिवार से मिलने के बाद श्री चौधरी ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि बंगाल के मजदूर काम के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं लेकिन बाद में बार-बार वे शवों के रूप में घर क्यों वापस लौटते हैं। उन्होंने दोषियों की तत्काल पहचान करने और कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की और कहा कि कांग्रेस इस मामले में झारखंड सरकार से भी संपर्क करेगी।
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