मुरैना , अप्रैल 18 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले स्थित राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन और वन रक्षक हरकेश गुर्जर की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकारों को फटकार लगाई है।
सूत्रों के अनुसार 17 अप्रैल को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने अवैध रेत खनन को 'पर्यावरण संकट' बताते हुए इसे तत्काल रोकने के निर्देश दिए। कोर्ट ने खनन मार्गों पर हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी निगरानी जिला स्तर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा प्रभागीय वन अधिकारी द्वारा सुनिश्चित करने को कहा है।
कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो केंद्रीय बलों की तैनाती या खनन पर पूर्ण प्रतिबंध जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। साथ ही वन रक्षक हरकेश गुर्जर की 8 अप्रैल को कथित तौर पर रेत माफिया द्वारा कुचलकर की गई हत्या को प्रशासनिक विफलता करार देते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
इस बीच मुरैना जिला प्रशासन ने संयुक्त टास्क फोर्स गठित कर वन, खनिज और राजस्व विभाग के साथ चंबल क्षेत्र में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर निगरानी बढ़ा दी है तथा रेत उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया है। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित राज्यों को 11 मई तक विस्तृत अनुपालन हलफनामा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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