देहरादून , फरवरी 19 -- उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में गुरुवार को नाबार्ड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में नाबार्ड के तहत संचालित विशेषकर रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (आरआईडीएफ) से वित्तपोषित परियोजनाओं की स्वीकृति,प्रतिपूर्ति व धनराशि निर्गम की स्थिति की विस्तृत रूप समीक्षा की गई।

इस दौरान 18 फरवरी 2026 तक की स्वीकृतियों व प्रतिपूर्ति की प्रवृत्ति तथा 17 फरवरी 2026 तक प्राप्त नवीन प्रस्तावों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में स्टेट मॉनिटरिंग प्रोजेक्ट्स व नॉन स्टार्टेड प्रोजेक्ट्स की विशेष समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने जिन परियोजनाओं में अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उन्हें शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण सड़कों, सिंचाई, पुलों एवं अन्य आधारभूत संरचनात्मक कार्यों में तेजी लाई जा सके।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन विभागों की प्रतिपूर्ति लंबित है, ऐसे विभाग तत्काल दावा प्रस्तुत करें। प्रोजेक्ट निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हों, ताकि नाबार्ड की गाइडलाइन के अनुरूप अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

लापरवाही की स्थिति में संबंधित विभागों को पत्र प्रेषित कर जवाबदेही तय की जाएगी।

आनंद बर्द्धन ने कहा कि प्रस्तावों की समयबद्ध प्रस्तुति, स्वीकृति के बाद त्वरित कार्यारंभ तथा व्यय के पश्चात शीघ्र प्रतिपूर्ति दावों की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, जिससे राज्य को अधिकतम वित्तीय लाभ प्राप्त हो सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित