पटना , अप्रैल 27 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को 'हीट वेव' (लू) प्रबंधन और राज्य में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिये एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचइडी) की ओर से राज्य के सभी जिलों में 'हर घर नल का जल' योजना के संचालन और आगामी गर्मी की चुनौतियों से निपटने की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि राज्य में कुल 1,29,095 जलापूर्ति योजनाएं संचालित हैं। गर्मी के मौसम में निर्बाध पेयजल सुनिश्चित करने के लिए विभाग की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए हैं। राज्य में कुल 8,76,337 चापाकल चिन्हित हैं। चालू वर्ष में अब तक 1,15,011 चापाकलों की मरम्मत की जा चुकी है।राज्य स्तर पर एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (टोल फ्री नंबर: 1800-123-1121) और सभी प्रमंडलों/जिलों में स्थानीय नियंत्रण कक्ष 24x7 कार्यरत हैं।चापाकलों और नल-जल योजनाओं की त्वरित मरम्मत के लिये राज्य में 525 चलंत मरम्मती दल सक्रिय किए गए हैं।

समीक्षा में यह पाया गया कि कुछ योजनाएं पंप चालक के मानदेय, बिजली विभाग से संबंधित समस्याओं, भूमि की अनुपलब्धता और सड़क कटाई के कारण प्रभावित हैं। मुख्य सचिव ने इन बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिये।

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