उदयपुर , दिसंबर 30 -- राजस्थान कांग्रेस के महासचिव एवं प्रवक्ता पंकज कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर चाय पत्ती पर कृषक कल्याण शुल्क वसूली के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
श्री शर्मा ने मंगलवार को बताया कि पत्र में उल्लेख किया गया है कि कृषि विपणन निदेशालय, राजस्थान द्वारा जारी आदेश में 'चाय पत्ती' को अनुसूची में शामिल करके मंडी क्षेत्र/ मंडी प्रांगण में इसके व्यापार पर कृषक कल्याण शुल्क वसूली के निर्देश दिये गये हैं, जो न केवल व्यापारियों बल्कि आम उपभोक्ताओं के हितों के भी प्रतिकूल हैं।
उन्होंने कहा कि चाय पत्ती एक प्रसंस्कृत (प्रोसेस्ड) उत्पाद है, जिसका सीधा संबंध राज्य के कृषकों से नहीं होता। ऐसे उत्पाद पर कृषक कल्याण शुल्क लगाना व्यावहारिक और तार्किक दृष्टि से उचित नहीं है। इस तरह की वसूली से व्यापार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिसका सीधा असर चाय की खुदरा कीमतों पर पड़ेगा और आम जनता को महंगाई का सामना करना पड़ेगा।
श्री शर्मा ने पत्र के माध्यम से यह भी कहा कि पूर्व में भी चाय पत्ती को लेकर शुल्क वसूली को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही है। बिना व्यापक विचार-विमर्श के इस प्रकार का आदेश लागू करना राज्य के व्यापारिक वातावरण को प्रभावित करेगा, जबकि राज्य सरकार की मंशा व्यापार को सुगम बनाने और महंगाई पर नियंत्रण रखने की रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि चाय पत्ती को कृषक कल्याण शुल्क की परिधि से तत्काल बाहर किया जाए और संबंधित आदेश पर पुनर्विचार करके उसे निरस्त अथवा स्थगित किया जाये।
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