जयपुर , अप्रैल 16 -- राजस्थान के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में वित्त वर्ष 2026-27 में 30 हजार युवाओं को आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।

उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि विभाग ने इसके क्रियान्वयन की पूरी तैयारी कर ली है। जून तक लक्ष्य से दोगुने, 60 हजार आवेदन बैंकों को अग्रेषित किए जाएंगे। अप्रैल में 30 हजार, मई और जून में 15-15 हजार आवेदन अग्रेषित किए जाएंगे। इसके लिए सभी जिलों को समयबद्ध टारगेट देते हुए उससे दोगुने आवेदनों बैकों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अप्रैल से अगले वर्ष जनवरी तक का लक्ष्य रखते हुए हर महीने लाभार्थियों की संख्या निर्धारित की गई है।

श्री सक्सेना ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 73 हजार से अधिक लोगों ने स्वयं का व्यवसाय करने के लिए आवेदन किए हैं। इन आवदेनों की कुल ऋण राशि करीब 3,580 करोड़ रुपये है। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्रो द्वारा 31 हजार से अधिक आवेदन बैंकों के अग्रेषित कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गत 12 जनवरी को इस योजना का शुभारंभ किया था। विभाग द्वारा 22 जनवरी से आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।

उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि प्रदेश में स्वरोजगार का एक ईको-सिस्टम तैयार हो। इसी मंशा के साथ योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मुख्यालय स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

उन्हांने बताया कि 8वीं से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 3.5 लाख रुपये एवं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 7.5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण, अधिकतम 35 हजार रुपये की मार्जिन मनी भी दी जाएगी। स्नातक, आईटीआई और अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 5 लाख रुपये तथा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण, 50 हजार रुपये तक की मार्जिन मनी भी दी जाएगी।

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