पटना , मार्च 09 -- जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में हाल ही में शामिल हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओ पर चुप्पी साध ली है।

निशांत कुमार ने अपने पिता के राज्यसभा सदस्य के रूप में दिल्ली जाने के निर्णय के बाद बिहार के मुख्यमंत्री पद पर उनकी दावेदारी के संबंध में पूछे जाने पर कोई उत्तर नही दिया।

निशांत आज अपने पैतृक गांव कल्याण बीघा अपनी मां को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। उन्होंने मीडिया से कहा कि वे यहां अपनी मां का आशीर्वाद लेने आए हैं। उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहेगा और नई जिम्मेदारियों को निभाने के उनके संकल्प को मजबूत करेगा।जब मीडिया ने उनसे मुख्यमंत्री बनने की संभावना के बारे में पूछा तो उन्होंने इस पर एक भी शब्द नहीं कहा और पूरी तरह चुप्पी बनाए रखी। जब उनसे पूछा गया कि उनकी पार्टी के युवा विधायक ऐसी मांग उठा रहे हैं, तो वे बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए।

जदयू के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से लंबे समय से मुख्यमंत्री श्री कुमार से निशांत को पार्टी में शामिल होने की अनुमति देने की मांग की जा रही थी, लेकिन वह इसकी अनुमति देने में हिचकिचा रहे थे। बदले हुए राजनीतिक हालात में जब श्री कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला किया, तो निशांत के राजनीति में आने की मांग और तेज हो गई। इसके बाद श्री कुमार ने कार्यकर्ताओं और पार्टी के नेताओं की मांग मानते हुए निशांत को जदयू में शामिल होने की अनुमति दे दी।

जदयू विधायक चेतन आनंद और अन्य युवा विधायकों ने रविवार को पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद निशांत को शीघ्र ही अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग की। राजनीतिक हलकों में भी यह कयास लगाए जा रहे हैं कि निशांत मुख्यमंत्री बन सकते हैं, हालांकि अटकलों के बाजार में ऐसा माना जा रहा है कि राज्य की सत्ता किसी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार को मिलने की संभावना ज्यादा है।

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