मुंबई , अप्रैल 18 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने शनिवार को गृह विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाते हुए नासिक धर्मांतरण मामले सहित कई संवेदनशील जांचों की प्रगति का आकलन किया।

बैठक में पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), विशेष जांच दल (एसआईटी) प्रमुख और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने जांच को मजबूत करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री ने पीड़ितों में आत्मविश्वास पैदा करने की जरूरत पर बल देते हुए दोषी पाए गए सभी लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की कोशिश करने के निर्देश दिए। उन्होंने मजबूत अभियोजन की तैयारी के महत्व पर जोर देते हुए अधिकारियों को ठोस और विश्वसनीय सबूत इकट्ठा करने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया ताकि मामला अदालत में मजबूती से खड़ा रहे। उन्होंने कहा कि निर्णायक सबूत के माध्यम से अपराध स्थापित करना सर्वोच्च प्राथमिकता रहनी चाहिए।

श्री फडणवीस ने नासिक धर्मांतरण मामले पर साफ किया कि धर्मांतरण से जुड़ी घटनाएं किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने मामले को स्वतंत्र रूप से उजागर करने के लिए नासिक पुलिस की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि जांच अब भी उतनी ही सख्ती से आगे बढ़ाई जानी चाहिए। अधिकारियों को व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी संभावित कोणों और पैटर्न की गहराई से जांच करने के लिए कहा गया।

मुख्यमंत्री ने परतवाड़ा मामले में अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पीड़ितों को परामर्श के माध्यम से विश्वास कायम करके आगे आने और शिकायत दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने पीड़ितों का समर्थन करने और केस के पंजीकरण की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल करने का भी सुझाव दिया।

गौरतलब है कि अमरावती जिले में परतवाड़ा यौन शोषण और ब्लैकमेल मामला एक बड़ा खुलासा है जिसमें महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप शामिल हैं, जिसमें आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई हैं।

श्री फडणवीस ने गोरेगांव ड्रग्स मामले पर बात करते हुए नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों के खिलाफ तीव्र कार्रवाई का आदेश दिया।

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